राहत देने वाला होगा MP का बजट, जनता पर किसी भी तरह के टैक्स का बोझ नहीं डालेगी सरकार

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भोपाल/जबलपुर।

दो दिन बाद 18  फरवरी से विधानसभा का बजट सत्र शुरु होने जा रहा है, जो २१ फरवरी तक चलेगा। इसमें प्रदेश की कमलनाथ सरकार अपना अंतरिम बजट पेश करेगी। खबर है कि आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए राज्य सरकार बजट में जनता को कई सौगात देने की तैयारी में है। इस अंतरिम बजट सत्र में राज्य सरकार कई तरह की घोषणाएं करेगी, जो कांग्रेस पार्टी ने अपने वचन पत्र में शामिल की हैं। वही बजट से पहले वित्तमंत्री तरुण भनोट ने बड़ा बयान दिया है।भनोट का कहना है कि इस बार का बजट आम आदमी को राहत देने वाला होगा ।बजट में किसी भी प्रकार टैक्स नही बढ़ाया जाएगा।

दरअसल, जबलपुर में आज कैबिनेट की बैठक बुलाई गई है, जिसमें वित्तीय वर्ष 2019-20 के शुरुआती चार महीनों का खर्च चलाने के लिए 18 फरवरी को विधानसभा में पेश होने वाले लेखानुदान को मंजूरी दी जाएगी। बैठक में शामिल होने पहुंचे वित्तमंत्री तरुण भनोट ने बजट सत्र पर पत्रकारों से चर्चा करने के दौरान कहा कि कमलनाथ सरकार के पहले बजट की तैयारियां चल रही हैं और एक अच्छा बजट पेश किया जाएगा।  इस बार का बजट जनता को राहत और प्रदेश को गति देने वाला होगा। बजट में किसानों और युवाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा, ऐसी योजनाएं पेश की जाएंगी, जिनसे निवेश का माहौल बने, ताकि बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिल सके। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं से समाज के निचले तबके को फायदा पहुंचाया जाएगा।

18 फरवरी से 21 फरवरी तक चलेगा बजट सत्र 

मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 18 फरवरी से शुरू होगा। सत्र सिर्फ 4 दिन का होगा जो 21 फरवरी तक चलेगा। 4 दिन के इस सत्र में मध्य प्रदेश सरकार बजट पेश करेगी। लोकसभा चुनाव से पहले 4 महीने के लिए बजट पेश किया जाएगा।अब तक विधानसभा सचिवालय को आने वाले बजट सत्र के लिए अब तक 700 से ज्यादा प्रश्न मिले हैं।

बजट सत्र के दौरान लागू रहेगी धारा 144 

बजट सत्र के दौरान शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 144 लागू करने के आदेश जारी किए गए हैं, जो 18 फरवरी से 21 फरवरी तक विभिन्न क्षेत्रों में लागू रहेगा। कलेक्टर डॉ. सुदाम खाडे के आदेश के मुताबिक उल्लेखित क्षेत्र में पांच या उससे अधिक व्यक्ति किसी भी सार्वजनिक स्थान पर एकत्रित नहीं होंगे। कोई व्यक्ति किसी जुलूस- प्रदर्शन का न तो निर्देशन करेगा और न उसमें भाग लेगा तथा न ही कोई सभा आयोजित की जाएगी।आदेश में यह साफ कर दिया गया है कि सत्र के दौरान कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर शस्त्र, लाठी, डंडा, भाला, पत्थर, चाकू या अन्य धारदार हथियार लेकर नहीं चलेगा। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति ऐसा कोई कार्य नहीं करेगा जिसके चलते शिक्षण संस्थाओं, होटल, दुकान, उद्योग और सार्वजनिक या निजी सेवाओं पर विपरीत असर पड़ता हो। प्रभावित क्षेत्र में धरना, पुतला दहन या किसी तरह के आंदोलन की सख्त मनाही की गई है।