आज तबादलों का आखिरी दिन, कई विभागों ने जारी नहीं की सूची, बढ़ सकती है अवधि

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भोपाल। राज्य सरकार ने पिछले महीने नई तबादला नीति जारी कर 5 जुलाई तक तबादलों से रोक हटा दी थी। यह समयावधि आज खत्म हो रही है। जबकि ज्यादातर विभाग एवं जिलों में सरकारी अधिकारी एवं कर्मचारियों के तबादला आदेश जारी नहीं किए गए हैं। ऐसे में मंत्रियों ने तबादलों की तिथि बढ़ाने की मांग की है।  संभवत: 10 या 15 जुलाई तक तबादलों में छूट दी जा सकती है। 

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पिछले महीने पार्टी नेता एवं मंत्रियों की मांग पर एक महीने के लिए  तबादलों से रोक हटा दी थी। एक महीने की समय अवधि में ज्यादातर विभाग अपनी तबादला सूचियां जारी नहीं कर पाए हैं। जबकि जिलों में भी तबादला सूचियों पर प्रभारी मंत्रियों ने मुहर नहीं लगाई है। जबकि तबादलों से रोक हटने के बाद से ही मंत्रियों के बंगलों पर पार्टी नेता एवं तबादला चाहने वालों की भीड़ उमड़ रही है। मंत्रालय में भी तबादला के आवेदन लेकर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हैं। इसके बावजूद भी ज्यादातर विभाग तबादला प्रक्रिया को पूरी नहीं कर पाए हैं। यही स्थिति जिलों में है। 


बंगलों पर लगी रही भीड़

मंत्रियों के बंगलों पर उनके विभाग एवं प्रभार वाले जिलों में तबादला चाहने वाले एवं पार्टी नेताओं की अच्छी खासी भीड़ उमड़ती रही। एक महीने की समयावधि में प्रदेश में न तो कोई चुनाव था, न ही संगठन का कोई बड़ा काम था। इसके बावजूद भी मंत्री तबादला सूचियों को फायनल नहीं कर पाए हैं। यह बात अलग है कि तबादलों को लेकर मंत्रियों के बंगलों पर अलग-अलग प्रक्रिया अपनाई गई है। जिसको लेकर कुछ मंत्री चर्चा में भी हैं। 


समय नहीं बढ़ा तो बैकडेट में जारी होंगी सूचियां

मंत्रियों की ओर से तबादलों की समय-सीमा बढ़ाने की मांग की गई है। मुख्यमंत्री कमलनाथ से अनौपचारिक चर्चा हो सकती है। यदि मुख्यमंत्री समय नहीं बढ़ाते हैं तो फिर विभाग आनन-फानन में तबादला सूचियां जारी कर सकते हैं। कुछ विभाब बैकडेट में भी सूचियां जारी करेंगे। यही स्थिति जिलों में है। ज्यादातर जिलों में तबादला सूचियां तैयार कर अनुमोदन के लिए प्रभारी मंत्रियों के पास भेज दी हैं, जिन्हें मंत्रियों की ओर से अनुमोदित नहीं किया है। 

 

स्वयं के व्यय पर तबादले प्रतिशत में नहीं जुड़ेंगे

स्वयं के व्यय पर रिक्त पद, परस्पर स्थानांतरण निर्धारित प्रतिशत में शामिल नहीं होंगे। राज्य शासन ने राज्य एवं जिला स्तर पर अधिकारियों/कर्मचारियों की स्थानांतरण नीति-2019-20 में संशोधन कर स्पष्ट किया है कि स्वयं के व्यय पर रिक्त पद/परस्पर किए गए स्थानांतरण निर्धारित स्थानांतरण प्रतिशत में शामिल नहीं होंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।