मध्यप्रदेश उपचुनाव की तस्वीर साफ, कांटे से कांटा निकालने की रणनीति के साथ उतरेगी कांग्रेस

उपचुनाव में जिस तरह कांग्रेस ने एक-एक सीट पर दमदार प्रत्याशी घोषित किए हैं, उससे यह तय हो गया है कि भाजपा के लिए चुनावी राह आसान नहीं है। सभी सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला होना तय है।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में अभी विधानसभा उप चुनाव (Assembly By-election) की तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन कांग्रेस (Congress) अब 28 में से 24 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान कर चुकी है। भाजपा (BJP) पहले ही कह चुकी है कि कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सभी विधायकों (MLA) को टिकट दिया जाएगा, जिससे इन सीटों पर चुनावी तस्वीर साफ हो गई है। उपचुनाव में जिस तरह कांग्रेस ने एक-एक सीट पर दमदार प्रत्याशी घोषित किए हैं, उससे यह तय हो गया है कि भाजपा के लिए चुनावी राह आसान नहीं है। सभी सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला होना तय है।

उप चुनाव की तारीख की घोषणा होते ही चुनावी घमासान बढ़ जाएगा। कांग्रेस ने रविवार को जिन 9 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा की है उसमें से दो प्रत्याशी अजब सिंह कुशवाह और सतीश सिकरवार (Ajab Singh Kushwaha And Satish Shikarwar) पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे और उनके सामने कांग्रेस से वो प्रत्याशी थे जो इस बार उपचुनाव में भाजपा से प्रत्याशी होंगे। ग्वालियर पूर्व सीट से कांग्रेस ने सतीश सिकरवार को प्रत्याशी बनाया है। सतीश हाल ही में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए हैं। उनका मुकाबला भाजपा के मुन्नालाल गोयल से होगा। गोयल मार्च में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में भी सिकरवार और गोयल आमने-सामने थे।

सुरखी में होगी कांटे की टक्कर
कांग्रेस ने सुरखी से पारुल साहू (Parul Sahu From Surkhi) को चुनावी मैदान में उतारा है। पारुल साहू हाल ही में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुई है। जबकि गोविंद सिंह राजपूत (Govind Singh Rajput) मार्च में विधायकी से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हुए थे। पारुल के चुनावी मैदान में आने से सुरखी की सीट पर भाजपा व कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर होना मानी जा रही है। खास बात यह है कि वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में पारुल साहू ने गोविंद राजपूत को चुनाव हराया था, तब पारुल भाजपा के टिकट पर और गोविंद राजपूत कांग्रेस के टिकट पर चुनाव मैदान में थे।

कंसाना को पिछले बार भी अजब ने दी थी तगड़ी चुनौती
उपचुनाव में सुमावली सीट (Mungawali Seat) पर भी कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। कांग्रेस ने जातिगत समीकरण को ध्यान में रखकर सुमावली से अजब सिंह कुशवाहा को चुनावी मैदान में उतारा है। पिछले विधानसभा चुनाव में भी अजब सिंह और एंदल सिंह कंसाना (Edal Singh Kansana) आमने-सामने थे, तब अजब सिंह बसपा (BSP) के टिकट पर और इंदल सिंह (Inder Singh) कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े थे। कड़े मुकाबले में कंसाना चुनाव जीत गए थे। इस उपचुनाव में अजब सिंह को कुशवाहा समाज के साथ ही सिकरवार समाज का साथ मिल सकता है। क्योंकि कांग्रेस ने ग्वालियर पूर्व सीट से सतीश सिकरवार को प्रत्याशी बनाया है और सिकरवार परिवार की सुमावली विधानसभा क्षेत्र में अच्छी पैठ है।

कांग्रेस ने सिंधिया समर्थक को दिया टिकट
मुंगावली सीट पर कांग्रेस ने कन्हैया राम लोधी (Kanahiya Ram Lodhi) को प्रत्याशी घोषित किया है। कन्हैया राम ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक रहे हैं। वह अशोकनगर के कांग्रेस जिलाध्यक्ष थे। जब मार्च में सिंधिया कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे, तब कन्हैया राम लोधी ने भी अन्य समर्थकों का साथ प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचकर सदस्यता ग्रहण की थी। जल्द ही वह कांग्रेस में वापस आ गए। कांग्रेस ने जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखते हुए लोधी को चुनावी मैदान में उतारा है।