होमगार्ड कैंटीन में मिले पोस्टल बैलेट का मामला, एएसआई सस्पेंड, तीन दोषी

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भोपाल। ईवीएम की सुरक्षा में लापरवाही पर चुनाव आयोग ने सख्ती दिखाई है| सागर, सतना, अनूपपुर में शिकायत सामने आने के बाद कार्रवाई की गई है| वहीं भोपाल में 

होमगार्ड मुख्यालय की कैंटीन के काउंटर पर मिले डाक मतपत्र के मामले में भी कार्रवाई की जा रही है| मामले की जांच में होमगार्ड की एक एएसआइ (एम) और दो आरक्षक दोषी पाए गए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी सुदाम खाडे ने होमगार्ड डीजी को तीनों पर कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। डीजी ने एएसआइ को निलंबित करते हुए दोनों आरक्षकों पर कार्रवाई की अनुशंसा की है।  

मामला सामने आने के बाद कांग्रेस ने चुनाव आयोग से इसकी शिकायत की थी| मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा पुलिस महानिदेशक, जिला निर्वाचन अधिकारी से जांच कराए जाने के बाद होमगार्ड व पोस्ट ऑफिस के अधिकारी-कर्मचारी की प्रथम दृष्टया त्रुटि पाई गई है। वहीं कांग्रेस ने डाक मतपत्रों को देरी से पोस्ट किए जाने का मामला भी उठाया|  

जांच में होमगार्ड की एक एएसआइ (एम) और दो आरक्षक दोषी पाए गए हैं। तीनों पर डाक मतपत्र की गोपनीयता भंग करने का आरोप है। होमगार्ड सैनिकों के डाक मतपत्र पोस्टमैन द्वारा व्यक्तिगत रूप से देने के बजाय मुख्यालय में ऑफिस में दे दिए गए। इस बीच होमगार्ड के करीब 6000 कर्मचारी तेलंगाना और राजस्थान की चुनाव ड्यूटी में रवाना हो गए।  लापरवाही बरतते हुए कैंटीन में डाक मतपत्र रख दिए। इनमें से तीन में मत डल चुके थे, वे पिंक लिफाफे में थे। ओपन होने के कारण इन तीनों मतों को निरस्त कर दिया गया है। 71 डाक मतपत्र बिना उपयोग के निकले हैं। मंगलवार को इन डाक मतपत्रों के कैंटीन के काउंटर पर पड़े होने की खबरों से हुए बवाल के बाद होमगार्ड मुख्यालय में हड़कंप मच गया। जांच में पाया कि जो 71 बिना उपयोग के डाक मतपत्र हैं, ज्यादातर उन आरक्षकों के हैं जो तेलंगाना और राजस्थान ड्यूटी पर हैं। ये रीवा, सतना, सीधी और राजगढ़ के हैं। लौटने पर ये डाक मतपत्र इन्हें वितरित किए जाने थे।  वहीं, डाक विभाग के डाकिया की त्रुटि भी जांच में शामिल की गई है।