बच्चों की सुरक्षा पर उठा सवाल, बिना वैक्सीन कैसे सुरक्षित नौनिहाल !

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश के गृह विभाग ने कोरोना की रोकथाम और बचाव के लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। इन दिशानिर्देशों में भीड़भाड़ वाले स्थानों पर दो डोज के बिना नो एंट्री का प्रावधान रखा गया है। लेकिन 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए ऐसा कोई बंधन नहीं है।

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को रोकने के लिए गुरुवार की रात्रि से पूरे प्रदेश में नाइट कर्फ्यू लगाने के आदेश दिए हैं। नाइट कर्फ्यू रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक रहेगा। इसके अलावा सभी सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स ,थिएटर, जिम, कोचिंग क्लास, स्विमिंग पूल, क्लब और स्टेडियम में 18 साल से अधिक आयु के केवल उन लोगों को प्रवेश की अनुमति रहेगी, जिन्होंने कोविड-19 के दोनों टीके लगवाए हो लेकिन इन स्थानों पर 18 साल से कम आयु के दर्शकों की एन्ट्री के लिए यह बंधन नहीं है क्योंकि अभी उनको यह टीके लगे नहीं है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब 18 वर्ष से कम आयु के लोग सिनेमाघर, थिएटर, जिम या अन्य स्थानों पर जाएंगे तो उनकी सुरक्षा कैसे होगी? देश भर की तरह प्रदेश में भी अभी 18 वर्ष से कम आयु के लिए टीके लगने शुरू हुए नहीं है और कोरोना की तीसरी संभावित लहर में सबसे सॉफ्ट टारगेट यही है क्योंकि इनको ही कोरोना वैक्सीन के टीके नहीं लगे हैं। ऐसे में सवाल यह है कि इस आदेश के मायने क्या हैं ? क्योंकि कहीं ना कहीं हर परिवार के लिए बच्चों की सुरक्षा से बढ़कर कुछ भी नहीं है और सरकार को भी इस दिशा में गंभीरता से सोचने की जरूरत है। जब हर सार्वजनिक स्थान पर 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को बिना कोरोना वैक्सीन की दो डोज लगवाए बिना एंट्री नहीं है तो फिर आखिर बच्चों के साथ ऐसा कौन सा सुरक्षा कवच नजर आता है जो उन्हें बिना वैक्सीन कहीं भी जाने की आजादी दी जा रही है।

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