सिंधीं समाज के किसी भी घर में आज नहीं जला चूल्हा, मनाया थदड़ी का पर्व

थदड़ी पर्व पर एक दिन पहले बने भोजन का सिंधी समाज ने किया सेवन...

भोपाल,रवि नाथानी। राजधानी भोपाल (bhopal) के व्यापारिक नगर सहित देश विदेशों में सिंधी समाज (sindhi society) की महिलाओं ने थदड़ी का पर्व मनाया। इस पर्व पर महिलाएं अपने पति की दीर्घायु की कामना थदड़ी माता से करती है और पूरे दिन चूल्हा सिंधी समाज के किसी भी घर में नहीं जलाया जाता।

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पर्व पर सिंधी समाज ने अपने घरों में एक दिन पहले पका हुआ भोजन ग्रहण किया और मंदिरों में जाकर अपनी पती सहित परिवार की सुख समृद्धि की कामना की। रक्षा बंधन के सात दिनों के बाद सिंधी समाज में बड़ी थदड़ी का पर्व सिंधी समाज कई वर्षों से मनाता आ रहा है, पर्व पर समाज की महिलाओं द्वारा शीतला माता की पूजा अर्चना की गई। इस अवसर पर विभिन्न मंदिरों और दरबारों में शीतला माता के लिए सुबह से ही महिलाओं की भीड़ देखी गई।

सिंधीं समाज के किसी भी घर में आज नहीं जला चूल्हा, मनाया थदड़ी का पर्व

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नहीं जला चूल्हा
सिंधी समाज की महिलाएं 1 दिन पूर्व पके हुए भोजन का भोग लगाते हैं जिसमें मीठी रोटी, नमकीन रोटी, दाल पकवान पूरी पकोड़े दही बड़े दही से बने खट्टे चावल चने दूध का भोग लगाया,और इसी भोजन को दिन भर ग्रहण किया। पर्व के दिन सिंधी समाज के लोग अपने घरों में चूल्हा नहीं चलाते बड़ी थदड़ी के अवसर पर संत नगर के मंदिरों में सैकड़ों की संख्या में महिलाओं ने पूजा अर्चना की और कोरोना महामारी खत्म करने देश में खुशहाली की प्रार्थना शीतला माता से की। यह प्रथा हमारे सिंधु से चली आ रही है शीतला माता के प्रकोप से बचने के लिए यह पूजन किया जाता है घर में सुख शांति समृद्धि स्वस्थ शरीर के लिए यह पूजा अर्चना की।

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यहां भी हुआ आयोजन
सिंधी महिला पंचायत द्वारा एच वार्ड स्थित झूलेलाल मंदिर ओर पंडित पाकिस्तनी महाराज,पंडित जय शर्मा,पंडित कैलाश शर्मा के घर पूजा अर्चना की गयी। सामूहिक रुप से पूजा हुई शीतला माता से अपने बच्चो की रक्षा के लिए प्रार्थना की गयी, ये पूजा छोटी माता बडी माता की प्रकोप से बच्चो के लिए की जाती है। शीतला माता को ठंडा भोजन अर्पित भी किया गया।