नाथ की अधिकारियों को दो टूक-काम के लिए कोई मंत्रालय के चक्कर लगाए, बर्दाश्त नहीं करूंगा

There-will-be-no-ministry-for-the-work-done-in-the-Panchayat

भोपाल।

कमलनाथ ने मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठते ही तीन घंटे के अंदर कई फैसले लिए। पहले वादे के मुताबिक किसानों की कर्जमाफी की फाइल पर दस्‍तखत किए और फिर कन्या विवाह योजना की राशि बढ़ाकर 51  हजार करने का ऐलान किया। इसके साथ ही राज्य में चार गारमेंट पार्क खोले जाने की भी बात कही। वही उन्होंने मंत्रालय में अधिकारियों के साथ बैठक की और कामकाज में बदलाव लाने को कहा। साथ ही उन्होंने अधिकारियों से दो टूक कहा कि पुराने तौर तरीके अब नही चलेंगें, इनमें बदलाव करना होगा।  पंचायत, ब्लॉक, तहसील और जिले में होने वाले काम के लिए कोई मंत्रालय के चक्कर लगाए, यह बर्दाश्त नहीं करूंगा। 

नाथ ने कहा कि अधिकारी अपने विभाग को मजबूत बनाएं। जो काम जिसका है, उसे ही करना चाहिए। जो काम नीचे के स्तर पर हो सकता है, उसके लिए कोई मंत्रालय क्यों आए। यह सोचना होगा कि निवेश कैसे आए। सिर्फ नीतियों और मांगने से निवेश नहीं आता। निवेश को आकर्षित करना पड़ेगा।वही उन्होंने ब्यूरोक्रेसी को व्यवहार में बदलाव लाने की नसीहत दी। 

वही बैठक में ही उन्होंने मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह को कांग्रेस का वचन पत्र सौंपा और कहा कि सभी विभाग रोडमैप बनाएं, हम जल्द ही विभागवार बैठकें करेंगे। जो विभाग काम के नही उन्हें बंद किया जाएगा।  प्रदेश में डिलीवरी सिस्टम फेल है। जो गैरजरूरी योजनाएं हैं, उन्हें भी बंद करें। जमाना बदल रहा है युवाओं की सोच से हमें चलना होगा। युवाओं को ध्यान में रखते हुए काम करने होंगें। यह सोचना होगा कि निवेश कैसे आए। सिर्फ नीतियों और मांगने से निवेश नहीं आता। निवेश को आकर्षित करना पड़ेगा। 

खजाने को लेकर जताई चिंता

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों को बहुत अपेक्षाएं हैं। मतदाताओं में आशा जागी है। कैसे बचत की जा सकती है, विभाग सोचें। ऐसी योजनाएं जो 80 से 90 फीसदी पूरी हो चुकी हैं या फिर गैरजरूरी हैं, उन्हें बंद करें। यह सोचना होगा कि निवेश कैसे आए। सिर्फ नीतियों और मांगने से निवेश नहीं आता। निवेश को आकर्षित करना पड़ेगा।

चार टेक्सटाइल/ गारमेन्ट पार्क स्थापित होंगे

मुख्यमंत्री नाथ ने टेक्सटाइल्स/ गारमेन्ट इण्डस्ट्री में रोजगार सृजन की अधिक संभावनाओं को देखते हुए राज्य के चार संभागों में टेक्सटाइल/ गारमेन्ट पार्क की स्थापना का निर्णय लिया है। ये पार्क इन्दौर संभाग के धार जिले के मोहना औद्योगिक क्षेत्र, भोपाल संभाग के भोपाल जिले के अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र, जबलपुर संभाग के छिन्दवाड़ा में लेहगडुआ औद्योगिक क्षेत्र और उज्जैन संभाग के रतलाम जिले के जावरा औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित किये जायेंगे।

अब 70 प्रतिशत रोजगार स्थानीय लोगों को देना अनिवार्य

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक रोज़गार सुलभ करवाने के उद्देश्य से उद्योग संवर्धन नीति 2018 और एम.एस.एम.ई. विकास नीति-2017 में संशोधन का निर्णय लिया है। संशोधन के अनुरूप अब राज्य शासन से वित्तीय एवं अन्य सुविधाएँ लेने वाली औद्योगिक इकाइयों को 70 प्रतिशत रोज़गार मध्यप्रदेश के स्थायी निवासियों को देना अनिवार्य होगा।

कन्या विवाह-निकाह योजना की राशि 28 हजार से बढ़ाकर 51 हजार

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कन्या विवाह और निकाह योजना में संशोधन कर कन्या की खुशहाली के लिये अनुदान राशि 28 हजार से बढ़ाकर 51 हजार करने का निर्णय लिया। साथ ही अब सभी आदिवासी अंचलों में जनजातियों में प्रचलित विवाह प्रथा से होने वाले एकल और सामूहिक विवाह में भी कन्या को सहायता दी जायेगी। साथ ही इस योजना में आय सीमा का बंधन भी समाप्त कर दिया गया है। अब सभी सामूहिक विवाह करने वालों को इसका लाभ मिलेगा।

मप्र पुलिस को लेकर किए ये बड़े ऐलान

1. हफ्ते में एक दिन और महीने  में चार दिन का अवकाश अनिवार्य

2. ड्यूटी समय कम करने का ऐलान

3. आवास भत्ता वर्तमान में ₹1400

 मिलता है उसे बढ़ाकर ₹5000 प्रति महीना  किया जाएगा

4 .50000 नई पुलिस भर्तियां की जाएगी

5. जिनके माता-पिता मध्य प्रदेश की मूल निवासी है पुलिस में उन्हीं लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी दूसरे स्टेट के लोगों की पुलिस भर्ती में प्रतिबंध लगाया जाएगा

6. मध्य प्रदेश की हर पुलिसकर्मी को अपने गृह जिले में पदस्थ किया जाएगा

7. हर पुलिस कर्मचारी अधिकारी को समय के अनुसार वेतन दिया जाएग

8. 40000 नई पुलिस क्वार्टर बनाई जाएंगी

9. हर पुलिस अधिकारी कर्मचारी को तनाव मुक्त करने की कोशिश की जाएगी

10. हर भत्ते को 3 गुना किया जाएगा

इसके अलावा और भी कई घोषणा पुलिस के लिए की गई है यह मुख्य घोषणाएं थी