प्रदेश में अब नहीं होंगे बड़े समूह बनाकर शराब दुकानों के ठेके

नई आबकारी नीति के प्रारूप पर गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा की अध्यक्षता में गठित मंत्री समूह ने विचार किया। मंत्रालय में आयोजित बैठक में वाणिज्यिक कर विभाग के अधिकारियों ने प्रस्तावित नीति को लेकर प्रस्तुतीकरण दिया

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। प्रदेश में अब इस बार बड़े समूह बनाकर शराब दुकानों के ठेके नहीं होंगे। जिले में छोटे-छोटे समूह बनाए जाएंगे ताकि किसी का एकाधिकार न रहे। इससे प्रतिस्पर्धा भी होगी, जिससे सरकार को अधिक राजस्व प्राप्त होने की संभावना है। वहीं, मिलावटी शराब पर नियंत्रण के लिए ड्यूटी कुछ घटाई जा सकती है।

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नई आबकारी नीति के प्रारूप पर गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा की अध्यक्षता में गठित मंत्री समूह ने विचार किया। मंत्रालय में आयोजित बैठक में वाणिज्यिक कर विभाग के अधिकारियों ने प्रस्तावित नीति को लेकर प्रस्तुतीकरण दिया। इसमें महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों के प्रावधानों के बारे में बताया गया।

बैठक में इस पर सहमति बनी कि शराब दुकानों के ठेके बड़े समूह बनाकर नहीं दिए जाएंगे। इससे जिले में एक या दो समूह का एकाधिकार हो जाता है। छोटे-छोटे समूह बनाकर दुकानें नीलाम की जाएंगी। इससे सरकार को अधिक राजस्व भी मिल सकता है। बैठक में तय किया गया कि जल्द ही समूह की बैठक फिर की जाएगी, जिसमें नीति से जुड़े अन्य बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इस दौरान वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवड़ा, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह, वन मंत्री विजय शाह, प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।