बदलाव : 18 करोड़ में छपे थे शिवराज की फोटो वाले ये ‘स्मार्ट कार्ड’, कमलनाथ सरकार ने किए निरस्त

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भोपाल।

बीते दिनों कमलनाथ सरकार ने चुनाव से पहले शिवराज सरकार द्वारा शुरु की गई मुख्यमंत्री कल्यान योजना(संबल) के ब्रोशर और पंजीयन कार्ड वितरण पर रोक लगा दी थी।वही लोगों को दिए गए कार्डो को भी तत्काल से भी बंद कर दिया गया था। जिससे बाद श्रम विभाग ने सभी कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ को कार्ड वापस बुलाने के लिए पत्र लिखा था।कार्ड वापस आ चुके है, अब कमलनाथ सरकार द्वारा नए कार्ड छपवाए जाएंगे, लेकिन इसमें मुख्यमंत्री का फोटो नहीं होगा। 

दरअसल, पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने संबल योजना के अंतर्गत 1.80 करोड़ मजदूरों के लिए जुलाई महीने में स्मार्ट कार्ड छपवाए थे। इसमें शिवराज का फोटो लगा था। इन फोटो वाले कार्ड का कांग्रेस ने काफी विरोध किया था, क्योंकि ये चुनावी हथकंडा था। बताया जा रहा है कि इन परिचय पत्रों पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज की फोटो लगी हुई है, जिससे लोगों के बीच यह मैसेज जा रहा था  कि यह योजना भाजपा सरकार की है, लेकिन अब सरकार बदल चुकी है, इसी के चलते यह कदम उठाया गया था। 

इसके बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा इन कार्डो, ब्रोशर और पंजीयन पर रोक लगा दी गई थी।  तत्काल प्रभाव से बंद किए जाने पर संबल योजना के तहत 18 करोड़ में छापे गए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की फोटो वाले स्मार्ट कार्ड 68 दिन में बेकार हो गए हैं।हालांकि कार्ड की वैधता 5 साल की है, लेकिन फोटो से वे बेकार हो चुके हैं। अब नए कार्ड छपवाए जाएंगे, लेकिन इसमें मुख्यमंत्री कमलनाथ का फोटो नहीं होगा।हालांकि अभी तय नही हो पाया है कि कार्ड पर क्या छापवाया जाएगा। खबर है कि मुख्यमंत्री कांग्रेस का लोगो इस पर अंकित कर सकती है।जिसमें  मजदूर की व्यक्तिगत जानकारी, नाम, पता, जन्मतिथि, मोबाइल, वैधता लिखी होगी।

शिवराज सरकार ने खर्च किए थे 18 करोड़ रुपये खर्च

बता दें मध्य प्रदेश की पूर्व भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने जून 2018 में मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना शुरू की थी, जिसके तहत श्रम विभाग ने राज्य के सभी जिलों में कामकाजी और असंगठित मजदूरों का रजिस्ट्रेशन किया था। जिसके बाद जिन मजदूरों का रजिस्ट्रेशन कराया गया था उन्हें ये कार्ड जनपद पंचायत के माध्यम से जुलाई में बांटे गए थे। इन कार्डों की छपाई पर सरकार ने करीब 18 करोड़ रुपये खर्च किए थे। प्रत्येक मजदूर के कार्ड पर 10 रुपये का खर्च आया था। वहीं 6 अक्टूबर से आचार संहिता लगने के बाद से कार्ड बांटने पर रोक लग गई, जिसके बाद कई कार्ड नहीं बांटे जा सके। जिसके बाद अब राज्य की कांग्रेस सरकार ने पूर्व सीएम की फोटो के चलते इन कार्डों को निरस्त कर दिया है, जिसके चलते अब ये कार्ड बेकार हो गए हैं। मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार के मुताबिक मजदूरों को अब नए कार्ड दिए जाएंगे, जिसमें किसी की फोटो नहीं होगी।