इस मुस्लिम IAS अधिकारी ने मिलाई मोहन भागवत के साथ कदमताल, बोले देश हित में ऐसा जरूरी

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। हमेशा अपने ट्वीट से चर्चा में रहने वाले मध्यप्रदेश के आईएएस अधिकारी नियाज़ खान ने एक बार फिर ट्वीट कर सुर्खियों में आ गए इस बारे आईएएस नियाज़ खान ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत के एक बयान की पैरवी की है जिसमें मोहन भागवत ने कहा है कि हिंसा से किसी को कोई फायदा नही होता है, भारत बहुभाषी देश है और हर भाषा का अपना महत्व है, मोहन भागवत के इसी बयान का समर्थन करते हुए आईएएस नियाज़ खान ने ट्वीट कर लिखा है कि “मैं मोहन भागवत जी से सहमत हूँ। हर शब्द सत्य है। भारत को एक मजबूत संयुक्त देश की जरूरत है, विभाजित देश की नहीं। चीन से लड़ने के लिए हमारे पास पहले से ही एक बड़ा दुश्मन है, फिर हम अपने ही लोगों से क्यों लड़ रहे हैं। केवल प्रेम, भाईचारा और हमारी एकता ही भारत को एक मजबूत राष्ट्र बना सकती है। ”

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गौरतलब है कि महाराष्ट्र में कंवरराम धाम में संत कंवरराम के प्रपौत्र साईं राजलाल मोरदिया के धार्मिक आसन ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर मोहन भागवत शामिल हुए थे जहां उन्होंने सिंधी संस्कृति और भाषा को बढ़ावा देने और संरक्षित करने के लिए सिन्धी विश्वविद्यालय की आवश्यकता पर जोर दिया। इस मौके पर मोहन भागवत ने कहा कि जिस समाज को हिंसा प्रिय है वह अंतिम दिन गिन रहा है, हमें हमेशा अहिंसक और शांतिप्रिय होना चाहिए,इसके लिए सभी समुदायों को साथ लाना और मानवता की रक्षा करना जरूरी है।

वही आईएएस नियाज़ खान इससे पहले कई बार अपने ट्वीट्स को लेकर चर्चा और विवादों में रहे है, पिछले दिनों फिल्म  द कश्मीर फाइल्स पर भी ट्वीट कर वह पूरे देश में चर्चा में आ गए थे, उनके इस ट्वीट पर खुद इस फिल्म के निर्देशक विवेक रंजन ने जबाव देकर मिलने का समय मांगा था हालांकि बाद में प्रदेश सरकार ने आईएएस नियाज़ खान को नोटिस जारी कर दिया था।