भोपाल।

मध्यप्रदेश में इस बार का गणतंत्र दिवस खास होने वाला है। खबर है कि कमलनाथ सरकार गणतंत्र दिवस होने वाले समारोह में प्रदेश भर के आदिवासियों को बुलाने जा रही है। समारोह में शामिल होने वाले आदिवासियों से सीएम, राज्यपाल और मंत्री संवाद करेंगे और विकास के नए मार्ग तलाशेंगे।। सरकार के इस कदम को नगरीय निकाय चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है आदिवासियों को साधने के लिए सरकार ये मास्टरस्टोक लगाने की तैयारी में है।

यह कार्यक्रम 26 जनवरी को राजधानी भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में होगा।इसके लिए उन आदिवासियों को खास तौर पर चुना जाएगा जिन्होंने किसी भी विधा में देश या प्रदेश का नाम बढ़ाया हो ।आदिवासियों का चयन पंचायत एवं ग्रामीण विकास, आदिवासी विकास, जनजातीय कार्य विकास और कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के आधार पर किया जाएगा। आदिवासियों के चयन का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा अपने-अपने क्षेत्र में विकास का पैमाना होगा, ये आदिवासी मुख्मयंत्री कमलनाथ और राज्यपाल लालजी टंडन के साथ सभी मंत्रियों से प्रदेश के विकास को लेकर संवाद करेंगे।कैबिनेट मंत्री जहां प्रदेश भर से चुनकर आने वाले आदिवासियों से चर्चा कर विकास के बारे में जानकारी देंगे तो वहीं आदिवासियों से भी विकास के खाका को लेकर चर्चा करेंगे। आदिवासियों की जीवनशैली में बदलाव को लेकर भी रूपरेखा तैयार होगी।

यह प्रदेश में पहला मौका होगा जब प्रदेश की सरकार और राज्यपाल सीधे आदिवासियों से रुबरु होंगे।उनसे विकास को लेकर चर्चा करेंगे। सुत्रों की माने तो आदिवासियों को साधने के लिए सरकार ये एजेंडा अपना रही है। चुंकी कुछ ही महिनों में निकाय चुनाव होने वाले है, ऐसे में सरकार आदिवासियों को आधार बनाकर अपनी जीत सुनिश्चित करने की तैयारी में है।