भोपाल। प्रदेश में जिले के भीतर शिक्षकों के तबादले 23 नवंबर तक हो सकेंगे| वार्षिक परीक्षाओं के शुरू होने से तीन महीने पहले ही शिक्षकों की बदली हो रही है, इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है| हालाँकि इसके पीछे का कारण गांव के स्कूलों में शिक्षकों की कमी बताई जा रही है। शिक्षकों के तबादले 15 से 23 नवंबर के बीच किये जाएंगे, प्रभारी मंत्री की मांग पर सरकार शैक्षणिक सत्र के बीच में तबादले करने जा रही है| 

इससे पहले स्कूल शिक्षा विभाग ने वर्ष 2019-20 के लिए बनाई तबादला नीति के तहत 35 हजार शिक्षकों के स्थानांतरण कर दिए। इसके चलते अधिकांश गांव में अब शिक्षक नहीं हैं। ये स्कूल सिर्फ अतिथि शिक्षकों के ही भरोसे चल रहे हैं। इसी के मद्देनजर विभाग ने प्रशासकीय आधार बताते हुए 15 से 23 नवंबर तक की अवधि के लिए ट्रांसफर की समय सीमा तय की है।

वार्षिक परीक्षा में अब ज्यादा समय नहीं बचा है,  ऐसे में विभाग की ओर से स्थानांतरण को लेकर जारी किया गया आदेश, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित करेगा। अब शिक्षकों का ध्यान स्कूलों में कोर्स पूरा कराने की जगह अपना स्थानांतरण कराने को लेकर है।  जुलाई सत्र में ट्रांसफर होने के कारण कोर्स पहले से ही पिछड़ चुका है, ऐसे में एक बार फिर ट्रांसफर शुरू होने से इसका असर पढ़ाई पर पढ़ेगा| 

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक स्थानांतरण पर अभी जो प्रतिबंध है, वह हटा दिया गया है। आदेश में अतिशेष शिक्षकों का अन्य शिक्षक विहीन स्कूलों में स्थानांतरण, शिक्षकों की कमी वाली स्कूलों में स्थानांतरण, रिक्त पदों की पूर्ति, कोर्ट के निर्णय, गंभीर शिकायत, पदोन्नति और प्रतिनियुक्ति से वापसी पर स्थानांतरण किए जाएंगे। बाकी आदेश यथावत रहेंगे।