भोपाल।

मध्य प्रदेश में परिवहन विभाग माफियाओं पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। मंगलवार को हुई बैठक में परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने विभागीय अधिकारियों को बिना डर के परिवहन माफिया के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।साथ विभाग ने अफसरों को राजस्व का एक टारगेट भी दिया है। साथ ही विभागीय माफिया के साथ बाहरी माफिया पर कार्रवाई के दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं। सभी आरटीओ को बताया गया कि किस तरह से इन माफियाओं पर कार्रवाई करनी है।

बैठक में मंत्री ने ये भी कहा कि परिवहन माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।जिलों में संचालित वाहन डीलर के द्वारा कर अपवंचन करने के उद्देश्य से किए जा रहे कार्यों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।स्कूल और यात्री वाहनों पर मोटरयान अधिनियम और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा निर्देश के तहत कार्रवाई की जाए।रेत माफियाओं के विरुद्ध किसी भी विभाग जैसे राजस्व , माइनिंग, यातायात और आबकारी आदि द्वारा यदि मोटरयान और मालवाहनों पर कार्यवाही की जाती है तो परिवहन विभाग से उक्त वाहन के कर से संबधित अनापत्ति प्रमाण पत्र के बाद वाहन मुक्त किए जाए।

 ओवर-लोडिंग पर रोक लगाए

बैठक में मंत्री ने कहा कि परिवहन विभाग में संगठित माफिया द्वारा अनेक अनियमितताएँ किये जाने की शिकायतें मिल रही थीं, जिनके द्वारा चेक-पोस्टों पर 500-500 अवैध गाड़ियों की निकासी कराने की जानकारी भी प्राप्त हो रही थी। यार्डों में खड़ी गाड़ियों पर करोड़ों का बकाया टैक्स भुगतान नहीं किये जाने की बात मेरे संज्ञान में आई है। बड़ी संख्या में बहुत-सी वाल्वो ए.सी. बस मालिक द्वारा विभिन्न त्यौहारों पर यात्रियों से निर्धारित किराये से अधिक की राशि वसूल किये जाने तथा रेत और अन्य प्रकार की सामग्री की ओवर-लोडिंग पर भी रोक लगाना बहुत जरूरी है।

अधिकारियों को टारगेट

राजस्व वसूली में पीछे रहे अधिकारियों की जिलेवार समीक्षा करते हुए परिवहन मंत्री राजपूत ने कहा कि वर्ष 2019-20 में राजस्व वसूली का लक्ष्य 4 हजार करोड़ निर्धारित है। इसमें से अभी तक 2211 करोड़ राजस्व के रूप में प्राप्त हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अगले ढाई माह में अर्थात 31 मार्च तक 1689 करोड़ रूपये की बकाया वसूली की जाना सुनिश्चित करे। इसके लिये पूरा परिवहन अमला स्वयं नाकों पर उपस्थित रहें। उन्होंने राजस्व वसूली में श्योपुर एवं शिवपुरी जिले के परिवहन अमले की सराहना की जो प्रदेश में अभी तक राजस्व वसूली में प्रथम एवं द्वितीय स्थान पर है।