मध्यप्रदेश में खिलौना राजनीति- सीएम शिवराज से पहले ही पीसी शर्मा ने बाँटे बच्चों को खिलौने

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। अब बड़ों की राजनीति बच्चों तक पहुँच गई है और राजनीति का मुद्दा भी ऐसा की जिससे बच्चे बहल जाए, जी हाँ इन दिनों मध्यप्रदेश में खिलौनों को लेकर जमकर राजनीति हो रही है, एक तरफ़ मुख्यमंत्री शिवराज 24 मई को खुद राजधानी भोपाल के अशोका गार्डन इलाके सहित अन्य जगहों पर हाथ ठेला लेकर गरीब बच्चों के लिए खिलौने बटोरने निकलने वाले है वही उससे पहले ही भोपाल के कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने सोमवार को अपनी विधानसभा की आगंनबाड़ी में बच्चों को खिलौने बाँटे। वही खिलौने के इस मुद्दे पर जमकर सियासी बहस भी छिड़ी हुई है।

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सोमवार को भोपाल के कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा अपने समर्थकों के साथ आंगनबाड़ी केंद्र 741 सुनहरी बाग पहुंचे, जहां उन्होंने नन्हे मुन्नों को खिलौने वितरित किए। छोटे-छोटे बच्चे खिलौने देख खुश हो गए, वो मासूम इस बात से अंजान थे की वो और उनके खिलौने राजनीति का हिस्सा बन गए है और श्रेय लेने यह नेता इन्हे बहला रहे है, अपनी राजनीति की रोटी सेकनें इनका उपयोग कर रहे है। बच्चों को खिलौने वितरित करने के बाद विधायक पीसी शर्मा ने मुख्यमंत्री पर जमकर साधा निशाना उन्होंने कहा कि  राजनीति कर बच्चों को राजनीतिक खिलौना बना रहे मुख्यमंत्री, कल मुख्यमंत्री ठेला लेकर खिलौना जुटाने निकलेंगे तो हम भी गरीबी और परेशानी की मार झेल रहे बच्चों को लेकर ठेले पर निकलेंगे और बताएंगे कि आप के राज में किस तरीके से बच्चे और गरीब परेशान हैं। हालांकि मासूम बच्चे इन सब बातों से अंजान थे उनके चेहरे पर खिलौने मिलने की मुस्कुराहट थी, उन्हे इस बात से कोई मतलब नहीं था की देने वाले हाथ कांग्रेसी है या भाजपाई।

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गौरतलब है मुख्यमंत्री शिवराज ने ऐलान किया है की वह खुद ठेला लेकर राजधानी की सड़कों पर गरीब बच्चों के लिए खिलौने एकत्रित करेंगे, उन्होंने प्रदेश के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से भी अपील की है की आँगनबाड़ी के बच्चों के लिए खिलौने एकत्रित करें। सीएम शिवराज मंगलवार 24 मई को राजधानी भोपाल की सड़कों पर ठेला थामे नजर आएगे। हालांकि इस कार्यक्रम को ईवेंट बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है। एक दिन पहले ही खुद चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने अपनी विधानसभा में होने वाले इस कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। वही कांग्रेस इस कार्यक्रम को सिर्फ एक चुनावी स्टन्ट करार दे रही है।