मप्र में कर्मचारियों के तबादलों पर रोक, चुनाव आयोग से लेना होगी परमिशन

भोपाल| मध्य प्रदेश में आगामी निकाय और पंचायत चुनाव की तैयारियों को देखते हुए करीब 1 लाख से ज्यादा अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों पर रोक लग गई है| चुनाव आयोग ने राज्य सरकार से वोटर लिस्ट के समरी रिवीजन के काम में लगे अफसरों के ट्रांसफर न करने को कहा है, वहीं यदि जरूरत हो तो इसकी आयोग से परमिशन ली जायेगी। इसके तहत अगले दो महीने तक एक लाख अधिकारी-कर्मचारियों के ट्रांसफर नहीं हो पाएंगे| मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांताराव का कहना है कि वोटर लिस्ट के समरी रिवीजन के चलते यह निर्देश जारी किए गए हैं।

16 दिसंबर से 7 फरवरी तक वोटर लिस्ट के समरी रिवीजन का काम किया जाएगा| समरी रिवीजन के काम के लिए 65 हजार बीएलओ की नियुक्ति की जाएगी| साथ ही 250 एसडीएम, 50 कलेक्टर्स और 1000 तहसीलदार और नायाब तहसीलदारों को इस काम में लगाया जाएगा| 25 नवंबर को सभी जिलों में मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन होगा|  इसके बाद कलेक्टर एसडीएम और बूथ लेवल ऑफिसर के तबादलों पर रोक लग जाएगी|  सरकार को इनमें से किसी अफसर का ट्रांसफर करना है तो उसकी आयोग से इजाजत लेना पड़ेगी।