सरकारी किताब में एक बार फिर हुआ आदिवसियों का अपमान, मचा बवाल

भोपाल/झाबुआ। मध्य प्रदेश में आदिवासियों को लेकर एक के बाद एक अपमान के मामले सामने आ रहे हैं। 12 जनवरी को हुए मध्यप्रदेश लोकसेवा आयोग द्वारा भीत जनजाति को लेकर आपत्तिजनक सवाल पूछे गए थे। जिसे लेकर काफी हंगामा हुआ और फिर जिम्मेदारों पर मामला भी दर्ज हुआ। अब एक और मामला आदिवासियों के अपमान को लेकर सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाली हिंदी ग्रंथ अकादमी द्वारा प्रकाशित पुस्तक मध्यप्रदेश सामान्य ज्ञान कोश मे एक सवाल के जवाब में आदिवासियों का अपमान किया गया है।

दरअसल, मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उच्चा शिक्षा विभाग के अधीन आने वाली हिंदी ग्रंथ अकादमी की एक पुस्तक है उसमें कई सालों से पेज नंबर 205 पर खेलकूद के चैप्टर मे एक सवाल पूछा गया कि मध्यप्रदेश के खेलो के पिछड़ने के क्या क्या कारण है। तो जवाब में 11 बिंदु दिए गए हैं। जिसमें पहला बिंदु ही यह है कि प्रदेश में जनजाति आबादी का ज्यादा होना। यह उत्तर ही गलत है क्योंकि आदिवासी समाज एथलीट शरीर का होता है और देश भर में हिमा दास सहित कई खिलाड़ियों ने देश के लिए पदक जीते हैं। ऐसे में आदिवासियों का यह अपमान अभी तक सार्वजनिक नहीं हुआ है। प्रदेश की कुल आबादी में से आदिवासियों की 21 फीसदी आबादी है। 2018 के इस किताब के अंक में यह जवाब दिया गया है। पूर्व सरकार के कार्यकाल में भाजपा के जयभानसिंह पवैया मंत्री थे। उनके कार्यकाल में यह किताब का प्रकाशन हुआ है।

सरकारी किताब में एक बार फिर हुआ आदिवसियों का अपमान, मचा बवाल