ट्यूशन टीचर ने 5 साल की बच्ची से की बेरहमी, स्पेलिंग नहीं बताने पर तोड़ दिया हाथ

Bhopal News: भोपाल से शिक्षक की अमानवीयता का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां पर एक ट्यूटर ने 5 साल की बच्ची को इतनी बुरी तरह से मारा कि उसका हाथ टूट गया और अब वह अस्पताल में भर्ती है।यह मामला भोपाल के हबीबगंज इलाके का है। जहां पर अरेरा कॉलोनी में रहने वाली 5 साल की बच्ची प्रयाग विश्वकर्मा नामक टीचर के पास पढ़ने के लिए जाती हैं। बच्ची के पेरेंट्स का कहना है कि अगले साल उसे अच्छे स्कूल में एडमिशन दिलवाना है इसीलिए पास में ही ट्यूशन के लिए भेज रहे हैं।

बच्ची जब रोज की तरह ट्यूशन पढ़ने के लिए गई तब उसके साथ यह बेरहमी की गई। बच्चे के मामा भानु के मुताबिक छोटी बहन ने कॉल करके उन्हें बताया कि टीचर ने प्रिया को बेरहमी से मारा है और उसके हाथ और शरीर पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं। मामले की जानकारी लगते ही वह तुरंत घर पहुंचे और देखा कि बच्ची दर्द से बुरी तरह कराह रही है। वह तुरंत ही उसे प्राइवेट हॉस्पिटल लेकर पहुंचे जहां एक्स-रे कराने पर बाएं हाथ में फ्रैक्चर सामने आया।

घटना के बारे में जानकारी देते हुए बच्ची ने बताया कि वह पैरट की स्पेलिंग नहीं बता पा रही थी। तभी टीचर ने उसका हाथ मरोड़ा और गाल पर 6-7 थप्पड़ मार दिए। वो रोते हुए घर पर पहुंची और अपने साथ हुई घटना के बारे में घरवालों को जानकारी दी। बच्ची के मामा ने बताया कि यह टीचर 20 साल का है खुद भी कॉलेज में पढ़ता है और बच्चों को ट्यूशन देता है। ये पहले भी बच्चों के साथ मारपीट कर चुका है लेकिन इस बारे में कभी शिकायत नहीं की गई।

मामा के पास रहती है बच्ची

जानकारी के मुताबिक बच्ची प्रिया छह-सात महीने की उम्र से ही अपने मामा के पास रह रही है। बच्ची के माता-पिता की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है इसी के चलते मामा भानु ही उसका पालन-पोषण करते आ रहे हैं। उनका कहना है कि बड़े स्कूलों में एडमिशन देने के लिए बच्चों का टेस्ट लिया जाता है और इसी की तैयारी करने के लिए वह उसे ट्यूशन भेज रहे थे। लेकिन उन्हें नहीं पता था कि उनकी बच्ची के साथ इस तरह की मारपीट की जाएगी।

शिक्षक पर केस दर्ज

बच्ची के मामा ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई है जिसके बाद मारपीट करने वाले शिक्षक के खिलाफ आईपीसी की धारा 323 समेत किशोर न्याय अधिनियम में केस दर्ज किया गया है। दोनों ही धाराएं जमानती है जिसके चलते टीचर को जमानत दे दी गई है।