चंद्रग्रहण के दौरान तुलसी का ऐसे करें इस्तेमाल, होंगे इतने लाभ

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भोपाल। साल 2020 में कुल 4 चंद्र ग्रहण लगेंगे जिसमें से पहला चंद्र ग्रहण आज शुक्रवार 10 जनवरी को लगने जा रहा है। यह ग्रहण शुक्रवार एवं शनिवार की रात के बीच होगा, जो कि लगभग सभी भारतीय शहरों में पूरी तरह से दिखाई देगा। चंद्र ग्रहण रात 10.37 बजे से शुरू हो कर रात 2.42 बजे पर समाप्त होगा। ग्रहण की अवधि 4 घंटे से अधिक रहेगी। विश्व में इस ग्रहण को यूरोप, एशिया, अफ्रीका व आस्ट्रेलिया महाद्वीपों में भी देखा जा सकता है। इस दौरान, चंद्रमा की सतह का 90 प्रतिशत भाग आंशिक रूप से पृथ्वी द्वारा कवर किया जाएगा, जिसमें केवल छाया का बाहरी भाग दिखाई देगा।

जानकारी के अनुसार चंद्र ग्रहण का अर्थ होता है चंद्रमा का पृथ्वी की ओट में आ जाना। ऐसी स्थिति में सूर्य एक तरफ चंद्रमा दूसरी तरफ और पृथ्वी बीच में होती है। यानी जब चंद्रमा धरती की छाया से निकलता है तो चंद्र ग्रहण पड़ता है। शुक्रवार-शनिवार की रात लगने वाला चंद्र ग्रहण देश के अलावा ये ग्रहण यूरोप, एशिया, अफ्रीका और आस्ट्रेलिया महाद्वीपों में भी देखा जा सकेगा। गौरतलब है कि इस बार चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा मिथुन राशि में विराजमान रहेगा। वहीं इस वर्ष चार चंद्रग्रहण लगेंगे। जिनमें 10 जनवरी 2020, के अलावा 5 जून, 5 जुलाई एवं 30 नवंबर 2020 को भी चंद्रमा पृथ्वी की ओट में होगा।

दुष्प्रभाव से बचने के लिए करें ये उपाय

ग्रहण के दौरान पूजा नहीं करनी चाहिए। गर्भवती महिलाओं को इस दौरान सावधानी बरतनी चाहिए। इस दौरान शिव-चालीसा का पाठ करें। ग्रहण खत्म होने के बाद गंगा स्नान करे। चंद्र ग्रहण के बाद गंगा जल से घर का शुद्धिकरण किया जाता है। उन्होंने बताया कि ग्रहण के बाद गरीबों को खाना खिलाना चाहिए और जरूरतमंद लोगों को दान करना चाहिए। चंद्र ग्रहण के दौरान शिव चालीसा, हनुमान चालीसा, शनि का जाप करे। ग्रहण के दौरान भोजन न तो बनाएं, न ही ग्रहण करें। इस दौरान जल भी ग्रहण नहीं करना चाहिए। बहुत आवश्यक हो तो गंगा जल और तुलसी डालकर ही जल ग्रहण करें।

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