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भोपाल। मध्यप्रदेश में भाजपा चौथी बार सरकार बना कर एक रिकॉर्ड बनाने के मूड में नजर आ रही है। वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस 15 साल बाद प्रदेश में अपनी वापसी को बेताब दिखाई दे रही है। ऐसे में प्रदेश की कई सीटें ऐसी हैं, जहां प्रदेश के साथ दोनों दलों के केंद्रीय नेतृत्व की भी नजर बनी रहेगी।

इसी क्रम में पहली सीट सीहोर जिले की बुधनी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की इस परंपरागत सीट पर इस बार उनका सामना कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री और प्रदेश में पिछड़ा वर्ग का बड़ा चेहरा रहे अरुण यादव कर रहे हैं। चौहान लगातार तीन बार यहां का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वहीं यादव कुछ महीने पहले तक कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष थे। कुछ समय पहले उनकी जगह कांग्रेस आलाकमान ने छिंदवाड़ा सांसद कमलनाथ को प्रदेश की जिम्मेदारी दी थी। 

बुधनी सीट पिछले तीन विधानसभा चुनाव से भाजपा के कब्जे में है। वर्ष 2006 के मध्यावधि चुनाव से शिवराज सिंह चौहान इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इस बार यादव की नजर यहां के यादव वोटों पर हैं। शिवराज चौहान और अरुण यादव दोनों ही पिछड़ा वर्ग से आते हैं।

ऐसी ही एक सीट प्रदेश की होशंगाबाद सीट है। यहां से भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधानसभा अध्यक्ष डा सीतासरन शर्मा चुनावी मैदान में हैं। वहीं कांग्रेस ने यहां से शिवराज सिंह चौहान मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री रहे सरताज सिंह को उतारा है। सिंह सिवनी-मालवा सीट से लगातार भाजपा विधायक रहे हैं। दो साल पहले मंत्रिमंडल से हटाए जाने के बाद इस बार पार्टी ने सिंह का इस सीट से टिकट भी काट दिया था, जिसके बाद वे कांग्रेस में शामिल हो गए। कांग्रेस में आते ही पार्टी ने उन्हें होशंगाबाद सीट से चुनावी अखाड़े में उतार दिया।