साध्वी प्रज्ञा पर दिए बयान को लेकर उमा ने जारी किया स्पष्टीकरण

उमा भारती

भोपाल। बीजेपी की वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर पर दिए जवाब को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है। उन्होंने कहा है कि मीडिया में उनके बयान को गलत संदर्भ में दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि, सवाल पूछा गया था कि क्या मैं सध्वी प्रज्ञा ठाकुर से खुद को छोटा या बड़ा मानती हूं? जिसके जवाब में मैंने जो बात कही थी उसको तोड़मरोड़ कर दिखाया गया। 

दरअसल, रविवार को उमा खजुराहो में बीजेपी प्रत्याशी वीडी शर्मा के पक्ष में चुनाव प्रचार कने गईं थीं। जहां उन्होंने कहा था कि, प्रज्ञा ठाकुर बड़ी संत हैं, वह महामंडलेश्वरी हैं, उनसे मेरी तुलना मत कीजिए, मैं किसी काम की नहीं हूं। लेकिन सोमवार को भोपाल पहुंची उमा अपने बयान से पलट गईं और उन्होंने एक बयान जारी कर स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने अपना बयान में कहा है कि, साध्वी जी ने सिद्ध संत अवधेशानंद जी महाराज से सन्यास लेने के बाद अपना स्वयं का अखाड़ा बनाया है तथा उनके अपने अनुयायी भी हैं। वह सन्यासियों की परंपरा से जुड़ी हुई संत हैं। मैं कृष्ण भक्ति संप्रदाय में वैष्णव मार्ग में दीक्षित हूं। मेरे गुरू कर्नाटक उड्डपी पीठ के श्री पेजावर स्वामी जी हैं। किंतु, मैंने कोई आश्रम, कोई शिष्य या अनुयायी नहीं बनाया है। मेरा वैष्णव परंपरा में दीक्षित होकर सन्यासी होना बहुत ही निजी विषय है। यह मेरे और मेरे गुरू जी के बीच का विषय है। उमा ने कहा कि साध्वी प्रज्ञा ने निजी जीवन में बहुत कष्ट झेले हैं, इसी कारण से मैंने उपरोक्त टिप्पणी की। मैं अब भोपाल में आ गईं हूं और उनके लिए चुनाव प्रचार में भी भाग लूंगी। 

गौरतलब है कि दो दिन पहले ही कटनी में उमा भारती से पूछा गया था कि क्या मध्य प्रदेश में उमा भारती का स्थान साध्वी प्रज्ञा ले रही है? तो उमा भारती ने कहा कि साध्वी प्रज्ञा महान संत है. उनकी तुलना मेरे से नहीं की जा सकती है. मैं तो साधारण मूर्ख किस्म की प्राणी हूं। बता दें, भोपाल लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को मैदान में उतारा है। साध्वी प्रज्ञा का भोपाल सीट पर कांग्रेस के महासचिव और प्रत्याशी दिग्विजय सिंह के साथ मुकाबला है. साध्वी प्रज्ञा के मैदान में आने से भोपाल सीट हाईप्रोफाइल हो गई है. सभी की नजरें इस सीट पर लगीं है।