MP News : परिवारवाद पर उमा भारती का बयान, बोली, ‘इतना और जोड़ना चाहिए’

अनुकंपा नियुक्ति हो जाएगी और वही परिवार निरंतर चुनाव लड़ता रहेगा एवं बाकी कार्यकर्ता परिवार की सेवा करते रहेंगे।

उमा भारती

भोपाल,डेस्क रिपोर्ट। परिवारवाद को लेकर मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती (Uma Bharti) का बयान सामने आया है। ट्वीट के माध्यम से उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) की तारीफ करते हुए लिखा है कि राजनीति से रिटायर होने वाले राजनेता के पुत्र या पुत्री को भी टिकट नहीं दिया जाना चाहिए तभी परिवारवाद समाप्त हो पाएगा।

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देश में इस समय परिवारवाद की चर्चा जोरों पर है। दरअसल कांग्रेस पर एक ही परिवार की लंबे समय से पार्टी होने का आरोप लगाते रही बीजेपी के सुप्रीमो नरेंद्र मोदी के तेवर परिवारवाद को लेकर पहले से ही सख्त और साफ हैं। अभी हाल ही में मध्य प्रदेश के दौरे पर आए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी साफ कह गए कि विधायक पुत्रों को संगठन में ही काम करना पड़ेगा, टिकट नहीं मिलेगा।

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उधर ग्वालियर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बयान दिया कि उनके परिवार में से केवल एक ही व्यक्ति मौजूदा राजनीति में रहता है। इस बयान की तारीफ करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने ट्वीट किया है “आज मैंने अपने अत्यधिक प्रिय भतीजे और भाजपा के वरिष्ठ नेता केंद्र सरकार में मंत्री चिरंजीवी ज्योतिरादित्य सिंधिया का परिवारवाद की राजनीति को लेकर बहुत ही सुंदर बयान पढ़ा। मोदी जी के द्वारा स्थापित आदर्शों का उन्होंने सही अर्थों में पालन करने की बात कही है।”

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उमा ने एक और ट्वीट में लिखा है कि “मैं इसमें इतना और जोड़ना चाहती हूं जो कि मोदी जी की ही लाइन है कि यदि माता या पिता चुनाव लड़ने से रिटायर होने का निर्णय लेता है तो उनकी जगह उनके पुत्र या पुत्री को टिकट नहीं मिलना चाहिए क्योंकि यह भी तो अनुकंपा नियुक्ति हो जाएगी और वही परिवार निरंतर चुनाव लड़ता रहेगा एवं बाकी कार्यकर्ता परिवार की सेवा करते रहेंगे। मोदी जी के आदर्शों का बहुत ही उत्तम अनुकरण हाल ही में हुए खंडवा के उपचुनाव में हो चुका है।” उल्लेखनीय है कि खंडवा लोकसभा सीट पर नंदकुमार सिंह चौहान की मृत्यु के बाद उनके बेटे हर्ष सिंह चौहान प्रबल दावेदार थे लेकिन बीजेपी ने उन्हें टिकट नहीं दिया था।