संघ पदाधिकारी मिले शहर काजी से, बोले हम शांति रहेंगे शांति के पैरोकार

भोपाल। बाबरी मस्जिद-रामजन्म भूमि को लेकर आने वाले फैसले को लेकर सुगबुगाहटों का दौर जारी है। किसी भी दिन आ जाने की उम्मीद किए जाने वाले फैसले से बनने वाले हालात को लेकर कौमी फिक्रमंदों ने अपने कदम बढ़ाना शुरू कर दिए हैं। जहां मुस्लिम उलेमा अपनी तरफ से हर फैसले में अल्लाह की रजा और मंजूरी की बात करते हुए इसे स्वीकार करने की बात कह रहे हैं, वहीं हिन्दूवादी नेताओं ने भी किसी भी हालात में अमन, शांति और भाईचारे की डोर बंधी रहने की अपील करना शुरू कर दी है।

आरएसएस से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री प्रफुल्ल अकाल ने गुरूवार को काजी-ए-शहर सैयद मुश्ताक अली नदवी ने मुलाकात की। कजियात पहुंचे प्रफुल्ल ने शहर काजी का अभिवादन करते हुए उनसे दुआएं हासिल कीं। लंबी चली बातचीत के दौरान उन्होंने शहर और प्रदेश की गंगा-जमुनी तहजीब और यहां के रिवाजों का हवाला देते हुए कहा कि शंाति के गहवारा कहे जाने वाले इस प्रदेश में किसी भी बात को लेकर आपसी रिश्ते खराब न हों, इस बात की कोशिश की जाना चाहिए। उन्होंने शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी द्वारा पिछले दिनों जारी की गई शंाति की अपील की तारीफ करते हुए कहा कि सभी धर्मों के लोग चाहते हैं कि माहौल सुकूनभरा बना रहे और किसी तरह के साम्प्रदायिक फसाद के नुकसान लोगों को न देखना पड़ें। प्रफुल्ल ने शहर काजी को आश्वस्त किया कि वे इस बात का ख्याल रखेंगे कि हिन्दूवादी विचारधारा रखने वाले लोग भी संयम और शांति का दामन न छोड़ें। उन्होंने शहर काजी से अपील की कि मुस्लिम समाज को भी इस बात की ताकीद की जाती रहे ताकि किसी भी हालात का फायदा मौका परस्त न उठा सकें। इस मुलाकात के दौरान मुफ्ती बाबर साहब, सैयद इम्तियाज अली, मुशाहिद सईद खान आदि भी मौजूद थे।

एसपी ने की मुलाकात, कलेक्टर ने ली बैठक

गुरूवार को ही भोपाल एसपी शैलेन्द्र सिंह चौहान ने भी काजी-ए-शहर से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने शहर में सुरक्षा बंदोबस्त की जानकारी देते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन पूरी तरह चौकस है। किसी भी स्थिति को निपटने के लिए उनका अमला तैयार है। उन्होंने कहा कि दोनों धर्मों के लोग अगर इस फैसले को कानूनी नजरिए से देखेंगे और किसी तरह की हताशा या खुशी में कोई उत्साहीपन न दिखाएंगे तो शहर में अमन-शांति बनी रहेगी। इधर कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने गुरूवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में सर्वधर्म बैठक बुलाकर सभी धर्मों के प्रमुखों से शांति बहाल रखने की अपील की है। इधर शहर और जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा करने के लिए पुलिस कंट्रोल रूम में बुधवार को बैठक बुलाई गई है।संघ पदाधिकारी मिले शहर काजी से, बोले हम शांति रहेंगे शांति के पैरोकार 

भोपाल। बाबरी मस्जिद-रामजन्म भूमि को लेकर आने वाले फैसले को लेकर सुगबुगाहटों का दौर जारी है। किसी भी दिन आ जाने की उम्मीद किए जाने वाले फैसले से बनने वाले हालात को लेकर कौमी फिक्रमंदों ने अपने कदम बढ़ाना शुरू कर दिए हैं। जहां मुस्लिम उलेमा अपनी तरफ से हर फैसले में अल्लाह की रजा और मंजूरी की बात करते हुए इसे स्वीकार करने की बात कह रहे हैं, वहीं हिन्दूवादी नेताओं ने भी किसी भी हालात में अमन, शांति और भाईचारे की डोर बंधी रहने की अपील करना शुरू कर दी है।

आरएसएस से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री प्रफुल्ल अकाल ने गुरूवार को काजी-ए-शहर सैयद मुश्ताक अली नदवी ने मुलाकात की। कजियात पहुंचे प्रफुल्ल ने शहर काजी का अभिवादन करते हुए उनसे दुआएं हासिल कीं। लंबी चली बातचीत के दौरान उन्होंने शहर और प्रदेश की गंगा-जमुनी तहजीब और यहां के रिवाजों का हवाला देते हुए कहा कि शंाति के गहवारा कहे जाने वाले इस प्रदेश में किसी भी बात को लेकर आपसी रिश्ते खराब न हों, इस बात की कोशिश की जाना चाहिए। उन्होंने शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी द्वारा पिछले दिनों जारी की गई शंाति की अपील की तारीफ करते हुए कहा कि सभी धर्मों के लोग चाहते हैं कि माहौल सुकूनभरा बना रहे और किसी तरह के साम्प्रदायिक फसाद के नुकसान लोगों को न देखना पड़ें। प्रफुल्ल ने शहर काजी को आश्वस्त किया कि वे इस बात का ख्याल रखेंगे कि हिन्दूवादी विचारधारा रखने वाले लोग भी संयम और शांति का दामन न छोड़ें। उन्होंने शहर काजी से अपील की कि मुस्लिम समाज को भी इस बात की ताकीद की जाती रहे ताकि किसी भी हालात का फायदा मौका परस्त न उठा सकें। इस मुलाकात के दौरान मुफ्ती बाबर साहब, सैयद इम्तियाज अली, मुशाहिद सईद खान आदि भी मौजूद थे।

एसपी ने की मुलाकात, कलेक्टर ने ली बैठक

गुरूवार को ही भोपाल एसपी शैलेन्द्र सिंह चौहान ने भी काजी-ए-शहर से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने शहर में सुरक्षा बंदोबस्त की जानकारी देते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन पूरी तरह चौकस है। किसी भी स्थिति को निपटने के लिए उनका अमला तैयार है। उन्होंने कहा कि दोनों धर्मों के लोग अगर इस फैसले को कानूनी नजरिए से देखेंगे और किसी तरह की हताशा या खुशी में कोई उत्साहीपन न दिखाएंगे तो शहर में अमन-शांति बनी रहेगी। इधर कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने गुरूवार को कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में सर्वधर्म बैठक बुलाकर सभी धर्मों के प्रमुखों से शांति बहाल रखने की अपील की है। इधर शहर और जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा करने के लिए पुलिस कंट्रोल रूम में बुधवार को बैठक बुलाई गई है।