यूपी पुलिस का गजब कारनामा, 600 किलोमीटर दूर पेपर दे रहे व्यक्ति पर दर्ज की एफ आई आर

दरअसल नीरज शर्मा का सहारा के पीड़ित निवेशकों के प्रति सदभावना पूर्वक रवैया रहा है और वे लगातार उनके हक की लड़ाई लड़ते रहे हैं।

भोपाल डेस्क रिपोर्ट। उत्तर प्रदेश में बस्ती जिले की कोतवाली पुलिस (UP Police) का एक गजब कारनामा सामने आया है। पुलिस ने एक ऐसे युवक के खिलाफ एफ आई आर दर्ज की है जो घटना के समय 600 किलोमीटर दूर मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में मौजूद था। यह युवक सहारा इंडिया कंपनी के खिलाफ पिछले लंबे समय से अनियमितताओं को लेकर देश भर में आवाज बुलंद करता रहा है।

शिवपुरी के रहने वाले नीरज शर्मा उस समय आश्चर्य में पड़ गए जब उन्हें मालूम पड़ा कि 10 सितंबर को उप्र के बस्ती की कोतवाली पुलिस थाने में उनके खिलाफ एफ आई आर दर्ज हो गई है। दरअसल सहारा इंडिया कंपनी के बस्ती के रीजनल मैनेजर शकील अहमद ने बस्ती थाने में 6 लोगों के खिलाफ नामजद और अन्य अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई कि 10 सितंबर को जब वह दोपहर 2:30 बजे अपने आवास पर भोजन करने जा रहे थे तभी रामचंद्र शुक्ल तिराहे पर उन्हें सुरेश यादव नाम के व्यक्ति ने रोका और घसीटता हुआ शास्त्री चौक पर ले गया। इसके बाद अभय देव शुक्ल, हरीश पांडे, इजहार अहमद और नीरज शर्मा ने लात घूसा चप्पलों से मारा पीटा, गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी और जेब में रखा हुऐ 5000 रुपये निकाल लिये।

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शकील अहमद की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। लेकिन अब आश्चर्य की बात तो यह है कि इनमें जिन नीरज शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज हुआ और जिन्हें राष्ट्रीय महासचिव संयुक्त ऑल इंडिया जन आंदोलन संघर्ष न्याय मोर्चा का बताया गया, वह मारपीट के वक्त बस्ती से 600 किलोमीटर दूर मप्र के शिवपुरी के पीजी कॉलेज में बैचलर ऑफ एजुकेशन का पेपर दे रहे थे। उनके पेपर देने का वक्त दोपहर 2:00 बजे से 5:00 बजे तक था और इस दौरान उनकी मोबाइल की लोकेशन भी शिवपुरी की थी।

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जाहिर सी बात है कि नीरज शर्मा को रंजिशन इस मामले में फंसाने के लिए झूठी रिपोर्ट लिखाई गई। अब अपने अधिवक्ता के माध्यम से नीरज शर्मा इस पूरे मामले में बस्ती पुलिस को सूचित कर रहे हैं और उचित कानूनी कार्रवाई करने की बात भी कर रहे हैं।

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दरअसल नीरज शर्मा का सहारा के पीड़ित निवेशकों के प्रति सदभावना पूर्वक रवैया रहा है और वे लगातार उनके हक की लड़ाई लड़ते रहे हैं। सहारा प्रबंधन उन्हें कई बार इस लड़ाई को बंद करने के लिए चेतावनी भी दे चुका है लेकिन नीरज शर्मा लगातार न्याय के लिए आवाज बुलंद कर रहे हैं। ऐसे में यह साफ है कि नीरज शर्मा का FIR में झूठा नाम दर्ज कराना उनकी आवाज को कुचलने की कोशिश है।