कमलनाथ सरकार में भी कायम है विवेक अग्रवाल का जलवा

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भोपाल|  भाजपा की शिवराज सरकार में 10 साल तक सरकार की नाक के बाल रहे सीनियर आईएएस अधिकारी विवेक अग्रवाल का जलवा आज भी कायम है। कमलनाथ  सरकार में पीएचई जैसे महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे विवेक अग्रवाल से पंगा लेना राज्य प्रशासनिक सेवा के एक अधिकारी को महंगा पड़ गया। 

दरअसल पीएचसी में उप सचिव नियाज अहमद खान का प्रमुख सचिव विवेक अग्रवाल से कुछ दिन पहले विवाद हुआ था और विवाद के बाद में नियाज खान ने विवेक अग्रवाल पर बदतमीजी करने का आरोप लगाया था। नियाज ने 5 ट्वीट करके इस पूरे मामले पर देश भर में सनसनी फैला दी थी और अपने ट्वीट में उन्होंने साफ कहा था कि उन्हें खान सरनेम होने का खामियाजा उठाना पड़ रहा है और 17 साल की नौकरी में उनके इतने ही तबादले हो चुके हैं।  मंगलवार को  सरकार ने एक आदेश जारी करके नियाज अहमद को  पीएचई विभाग से हटा दिया है और उनकी नई पदस्थापना परिवहन विभाग में उप सचिव के पद पर की है। 

2004 में सेवा में आने के बाद अब तक 10 जिलों में 20 वी पोस्टिंग पा रहे नियाज अहमद अपने उपन्यासो को लेकर भी देशभर में ख्याति पा चुके  है। नियाज अहमद ने गुना मे ओडीएफ घोटाला, सहरिया आदिवासी घोटाला, शमशान भूमि घोटाला जैसे बहु चर्चित घोटाले पकड़े थे लेकिन बजाय दोषियों पर कार्रवाई के उन्हें पुरस्कृत कर दिया गया और नर्स को वहां से हटाकर भोपाल पोस्टेड कर दिया गया|