महापौर और कमिश्नर के विवाद में पानी की किल्लत से जूझ रहा शहर

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भोपाल। एक और गर्मी चरम पर है और पूरा सूबा गर्म भट्टी की तरह तप रहा है तो वहीं दूसरी और गर्मी के चलते पानी की किल्लत से लोगों का बुरा हाल है….हालात इतने खराब हैं कि गर्मी शुरु होते ही शासन ने राजधानी को सूखा घोषित कर दिया…इस सूखे के ऐलान ने उन दावों और वादों के साथ निगम की प्लानिंग का भी भांडा फोड़ दिया जिसमें पहले से गर्मी से निपटने प्लान तैयार किया गया था जहां एक दिन छोड़ कर एक दिन पानी देकर पानी बचाने की कवायद थी तो वहीं वॉटर ट्रीटमेंट से पानी साफ करने की बात थी लेकिन गर्म लू चलने के साथ ही ये सब बातें हवा-हवाई साबित हुई| हालात इतने खराब हो चुके हैं कि भीषण गर्मी में भोपाल की लाइफ लाइन और आधे शहर की प्यास बुझाने वाला बड़ा तालाब और कलियासोत डैम का दम घुट रहा है..और उनका वोटर लेवल इनता नीचे जा चुका है कि अब मानसून तक लोगों की प्यास कैसे बुझेगी इस पर सवाल खड़े हो गए हैं| ऐसे में महापौर का कहना है कि पिछले साल की कम बारिश का ये असर है कि इस बार वक्त के पहले तालाब का वोटर लेवल डैंजर जॉन में है..महापौर का कहना की उन्होंने निगम के सभी इंजिनियर्स और एई को पार्षदों के साथ मिलकर जमीनी हालात देखने के निर्देश दिए है जिससे जल्द पानी की किल्लत को लेकर कोई निर्णय ले सके..वहीं निगम कमिश्नर का कहना है कि पिछले साल 15 जून को ये वॉटर लेवल था जो आज है…निगम पानी की परेशानी को लेकर अवेयर है और जल्द इसके लिए कोई निर्णय लिया जाएगा|

महापौर और कमीश्नर के बीच बड़ा विवाद

मध्यप्रदेश की सरकार बदलने के बाद से भोपाल नगर निगम में भी इसका असर लगातार देखने को मिल रहा है| भोपाल नगर निगम में बीजेपी का कब्जा है और यहां के महापौर आलोक शर्मा ने नगर निगम कमिश्नर अधिकारियों पर आरोप लगाए हैं कि वो बीजेपी पार्षदों के साथ भेदभाव कर रहे हैं जिसकी शिकायत वो  माननीय राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री कमलनाथ से करेंगे| महापौर ने आरोप लगाए हैं कि लोकसभा चुनाव के दरमियान आचार संहिता लागू थी इस दौरान किसी तरह का विकास कार्य नहीं होता है…. लेकिन उन्हें खबर लगी है कि आचार संहिता के दौरान नगर निगम के अधिकारियों ने स्वच्छता मिशन के नाम पर कांग्रेस पार्षदों को करोड़ों रुपए का बजट आवंटित करने में मदद की है इसी की वो इलेक्शन कमिशन, राज्यपाल और मुख्यमंत्री से करेंगे शिकायत करेंगे| महापौर के आरोपों पर निगम कमिश्नर विजय दत्ता का कहना है कि हम बिना भेदभाव के काम करते हैं जांच करा ली जाए जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाना चाहिए|