MadhyPradesh: शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार के बाद क्या बोले सिंधिया और कमलनाथ

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भोपाल। महिनों के इंतजार के बाद आखिर शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया है। नई शिवराज कैबिनेट में भाजपा के 16 विधायक , जिसमें 9 नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है, वहीं 7 पुराने चर्चित चेहरे ही कैबिनेट में शामिल किए गए हैं। इसके अलावा सिंधिया के 9 समर्थकों को शामिल किया गया है।अब जल्द ही विभागों का बंटवारा किया जाएगा। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद कमलनाथ सरकार का पतन करने वाले और वर्तमान में राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का बडा बयान सामने आया है।वही पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ ने भाजपा विधायकों को जगह ना मिलने पर दुख जताया है।

सिंधिया ने ट्वीटर के माध्यम से  इस विस्तार को ‘संघर्ष ही धर्म है’ कहा है।। सिंधिया ने मंत्रिमंडल विस्तार पर खुशी जाहिर करते हुए लिखा है कि अन्याय के खिलाफ़ छेड़ा गया संघर्ष ही धर्म है। वही कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा है कि प्रदेश सरकार के आज के मंत्रिमंडल के गठन पर मै सभी नवीन मंत्रियो को बधाई व शुभकामनाएँ देता हूँ और उम्मीद करता हूँ कि प्रदेश के विकास में सभी मिल जुलकर कार्य करेंगे और प्रदेश के विकास में सहभागी बनेंगे।आज के मंत्रिमंडल के गठन में कई योग्य , अनुभवी , निष्ठावान भाजपा के वरिष्ठ विधायकों का नाम नहीं पाकर मुझे व्यक्तिगत तौर पर बेहद दुःख भी है। आगे कमलनाथ ने लिखा है कि लोकतंत्र के इतिहास में मध्यप्रदेश का मंत्रिमंडल ऐसा मंत्रिमंडल है , जिसमें कुल 33 मंत्रियो में से 14 वर्तमान में विधायक ही नहीं है। यह संवैधानिक व्यवस्थाओं के साथ बड़ा खिलवाड़ है। प्रदेश की जनता के साथ मज़ाक है।

एमपी कांग्रेस ने भी कंसा तंज

इधर एमपी कांग्रेस ने भी शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर तंज कसा है।एमपी कांग्रेस ने ट्वीट कर लिखा है कि लोकतंत्र के इतिहास में पहली बार 12 ग़ैर-विधायकों को मंत्री बनाया गया..! संवैधानिक लोकतंत्र है- —जनता का, जनता के लिए और जनता द्वारा शासन..! शिवराज का लोकतंत्र- —ग़द्दारों का, सत्ताभूख मिटाने के लिये, ख़रीद-फ़रोख़्त द्वारा शासन..! पूरा देश लोकतंत्र के चीरहरण पर शर्मिदा है।

 

 

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