किसने कराई देशभर में चुनाव आयोग की किरकिरी

-Who-has-made-the-Election-Commission's-insult-across-the-country

भोपाल| स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने का दावा करने के बावजूद मध्य प्रदेश में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। शायद यह पहला मौका है जब दोनों प्रमुख राजनीतिक दल सत्ताधारी बीजेपी और विपक्षी दल कांग्रेस ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गहरी आपत्ति दर्ज कराई है। कांग्रेस को लगातार इस मामले को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त से कार्रवाई की मांग कर रही है वहीं बीजेपी भी अब इस मामले को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखने जा रही है। इस पूरे मामले में मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कांता राव की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। 

दरअसल, मतदान के दिन जिस तरह से एक सैकड़ा से भी ज्यादा स्थानों पर ईवीएम मशीनों की खराबी आई और कई जगह पर मतदान 2 से 3 घंटे देरी से शुरू हुआ उसे लेकर हर कोई चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है । इसके बाद जिस तरह से मतगणना स्थल पर भोपाल में स्ट्रांग रूम में बिजली गई और चुनाव आयोग कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दे पाया, साथ ही खुरई में ईवीएम मशीने जिस तरह से 48 घंटे बाद सागर पहुंची और रीवा की कलेक्टर प्रीति मैथिल ने यह बयान तक दे डाला कि यह चुनाव उनके लिए बहुत मामूली चीज है । इन तीनों मामलों में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कांता राव ने कोई कार्यवाही नहीं की। अब आलम यह है कि यदि कांग्रेस चुनाव हारी तो वह इसका पूरा ठीकरा ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी पर फोङ सकती है और बीजेपी की मुख्य चिंता का कारण भी यही है। भाजपा के नेताओं का कहना है कि कांता राव के इसी रवैए ने पहले ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी के चलते मतदान समय पर शुरू नहीं होने दिया और अब मतगणना होने को है और इस तरह की मामले सामने आ रहे हैं जो कहीं ना कहीं पूरे देश के अंदर प्रदेश की छवि को धूमिल कर रहे हैं|