वक्त है बदलाव का : जिन्हें कराते थे इंतजार, उनके इंतजार में बैठे रहे पूर्व मंत्री

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भोपाल। गृह मंत्री और राजस्व मंत्री रहते पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने पुलिस अधिकारियों की जमकर क्लास ली है। उनके बंगले और आफिस के बाहर छोटे-छोटे कामों के लिए पुलिस अधिकारियों को घंटो इंतजार करना पड़ता था। अब वक्त बदल चुका है। कांग्रेस की सरकार आते ही बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की पूछपरख में कमी आ गई है। कल दोपहर को एसपी साउथ कार्यालय में गृह मंत्री रहे उमाशंकर गुप्ता एक ज्ञापन देने अपने दर्जनों कार्याकर्ताओं के साथ पहुंचे थे। जहां एसपी राहुल कुमार लोढ़ा के इंतजार में उन्हें कई मिनट तक इंतजार करना पड़ा। इस दौरान पूर्व मंत्री गर्दन झुकार बैठे दिखाई दिए। 

एसपी साउथ राहुल कुमार लोढ़ा के अनुसार पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता गुरुवार-शुक्रवार को कमला नगर,टीटी नगर और श्यामला हिल्स में हुई कार फोडऩे की घटना के संबंध में ज्ञापन देने आए थे। उन्होंने तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी। हालांकि पुलिस आरोपियों को पहले ही पकड़ चुकी थी। जिसकी जानकारी मिलने के बाद में पूर्व मंत्री अपने कार्याकर्ताओं के साथ लौट गए। वहीं एसपी लोढ़ा ने बताया कि कार फोडऩे के मामले में फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के दावे किए जा रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार फ रार आरोपियों पुलिस कर्मचारियों के बेटे शामिल हैं, 25 वीं बटालियन भदभदा निवासी 22 वर्षीय विक्की उर्फ विकास पिता वीरेंद्र सिंह रावत, 23 वीं बटालियन निवासी 20 वर्षीय पवन सिंह उर्फ  बाबू मौची पिता इंदरजीत हैं। जबकि मैनिट कैंपस निवासी 20 वर्षीय पवन झांझौट पिता राजमल और कोलार निवासी विशाल बिहारी फ रार हैं। सभी आरोपियों के पहले से आपराधिक रिकॉर्ड हैं।