भोपाल

मध्यप्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने प्रदेश सरकार द्वारा शराब बेचने के लिये महिलाओं की ड्यूटी लगाने की कड़ी निंदा करते हुए इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की है। बता दें कि आबकारी विभाग द्वारा शराब बेचने के लिये महिला कर्मचारियों को भी नियुक्त किया गया है।

शोभा ओझा ने कहा है कि एक ओर तो मध्यप्रदेश महिला अपराधों के मामले में लगातार अव्वल आता रहा है, ऊपर से प्रदेश सरकार द्वारा इस प्रकार का शर्मनाक निर्णय लेना और बाकायदा ड्यूटी चार्ट तैयार कर महिलाओं की ड्यूटी प्रस्तावित कर देना, निश्चित ही नारी की सुरक्षा और उसकी गरिमा के खिलाफ है। इसलिए यह स्वाभाविक ही है कि इस फैसले से महिलाओं की सुरक्षा व सम्मान के मामले में प्रदेश सरकार की संवेदनशीलता पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं। उन्होने कहा कि एक ओर तो लॉकडाउन के बावजूद प्रदेश में महिलाओं पर अत्याचार और दुष्कर्म की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही थी ऊपर से सरकार द्वारा महिलाओं को शराब की दुकान पर बैठाने के इस मर्यादाहीन और अविवेकपूर्ण निर्णय से महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में बढ़ोत्तरी होने की पूरी संभावना है, लिहाजा सरकार के इस अव्यावहारिक फैसले को किसी भी प्रकार से जायज़ नहीं ठहराया जा सकता। शोभा ओझा ने कहा कि शिवराज सरकार से इस फैसले को तुरंत वापिस लेने की मांग की है।