Women's-Day--Bhopal-Commissioner-Kalpana-Shrivastav-raised-these-commendable-steps-for-women

भोपाल।

आज यानी 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है।दुनिया भर में महिलाओं के सम्मान में तरह-तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। जहां गूगल ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस गूगल डूडल बनाया है, वही भोपाल संभाग आयुक्त कल्पना श्रीवास्तव ने भी महिलाओं को बड़ी सौगात दी है। श्रीवास्तव  ने  सरकारी और प्राइवेट संस्थाओं के दफ्तरों में महिला कर्मचारी और अधिकारी को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। श्रीवास्तव  ने अपने आदेश में कहा है कि  सभी दफ्तरों में महिला कर्मचारियों को सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाए, ताकी महिलाएं सुरक्षित महसूस करे।संभाग आयुक्त की इस पहल के बाद महिला कर्मचारियों मे खुशी की लहर है। 

संभागायुक्त ने बताया कि पिछले कई दिनों से ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि सरकारी दफ्तरों में महिलाएं देर तक काम करती हैं , उन्हें बुनियादी सुविधाएं नही मिल रहे है, गर्भवती महिलाएं भी परेशान होती है, इसके चलते ये फैसला लिया गया है। अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसका पालन सभी सरकारी और प्राइवेट दफ्तरों में हो। इसके लिए जिला स्तरीय कमेटी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इस कमेटी के सदस्य दफ्तरों में जाकर महिलाओं के लिए बुनियादी सुविधाओं का ऑडिट करेंगी। सुविधाएं नहीं होने पर जांच रिपोर्ट संबंधित जिले के कलेक्टर को देंगी। 

संभाग आयुक्त ने दिए ये निर्देश

-सभी सरकारी दफ्तरों में महिला कर्मचारियों के लिए अलग से टॉयलेट की व्यवस्था की जाए।

-किसी भी महिला कर्मचारी का संतान पालन अवकाश बिना किसी उचित कारण के न रोका जाए।

-छुट्टी का आवेदन दफ्तर में मिलने पर एक सप्ताह के भीतर उसका निराकरण किया जाए।

-कार्यालयीन समय के बाद केवल विशेष परिस्थिति में ही महिला कर्मचारी को दफ्तर में रोका जाए।

-देर रात तक काम करने पर महिला को संबंधित दफ्तर से घर पहुंचाने की व्यवस्था की जाए।

-सभी सरकारी दफ्तरों में महिलाओं के लिए रेस्ट रूम, महिलाओं का अलग से कक्ष, कॉर्नर बनाया जाए।

– महिला कर्मचारी गर्भवती है या उसका छोटा बच्चा है तो ऐसी महिलाओं और उनके शिशुओं के लिए दफ्तर में सुविधाजनक और सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जाए। 

-आतंरिक शिकायत समिति का गठन किया जाए।समिति में सदस्यों, अध्यक्षों और महिला हेल्पलाइन नंबर चस्पा किए जाए।

-शिकायत और सुझाव पेटी लगाई जाए, ताकी महिलाओं की संबंधित समस्याओं का जल्द से जल्द निराकरण किया जा सके।