Zafar-Khan-appointed-the-mahamantri-of-the-Congress

भोपाल/इंदौर।

लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में जमकर अंतरकलह मची हुई है। अभी जिलाध्यक्ष सदाशिव यादव  और विधायक संजय की नाराजगी का मामला ठंड़ा भी नही हुआ था कि अब कांग्रेस में महामंत्री की नियुक्ति पर विवाद छिड़ गया है।खास बात ये है कि कांग्रेस ने उस क्षेत्रीय नेता जफर खान को महामंत्री की जिम्मेदारी सौंप दी है जो  विधानसभा चुनाव तक भाजपा के लिए काम कर रहा था। जिसके चलते कार्यकर्ता और विधायक समर्थक नाराज हो गए है और उन्होंने लोकसभा में काम करने के लिए मना कर दिया है।इस बात से कांग्रेस में हड़कंप मच गया है। वही नेताओं द्वारा लगातार कार्यकर्ताओं को समझाइश दी जा रही है।

दरअसल,  विधानसभा एक के अंतर्गत आने वाले चंदन नगर क्षेत्र में जफर खान को भाजपा के पुराने नाम के रूप में पहचाना जाता है। उन्हें बीते नगर निगम चुनाव में भाजपा के टिकट पर लड़कर कांग्रेस के वोट काटकर निर्दलीय को जितवाने का जिम्मेदार भी माना जाता रहा है। विधानसभा चुनाव से पहले तक खान पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता के लिए काम कर रहे थे, लेकिन लोकसभा चुनाव के पहले खान ने पलटी मारी और कांग्रेस में शामिल हो गए।इधर पार्टी ने उन्हें इंदौर एक से कांग्रेस का महामंत्री नियुक्त भी कर दिया।खान की नियुक्ति को लेकर कांग्रेसी एकजुट हो गए और विरोध करने लगे। कांग्रेसियों का कहना था कि जिसने विधानसभा में क्षेत्र के उम्मीदवार अश्विन जोशी  के खिलाफ काम किया और हार का कारण बना ऐसे व्यक्ति को पद देना ठीक नही।जिसके बाद पार्टी ने  23 अप्रैल को जफर को पद से निलंबित कर दिया। हालांकि अचानक एक दिन बाद यानी 24 अप्रैल को भोपाल से फिर एक पत्र जारी हुआ, जिसमें निलंबित नेता को फिर से महामंत्री बनाने का एलान कर दिया गया। 

पत्र में कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष और संगठन प्रभारी चंद्रप्रभाष शेखर ने लिखा कि विधायक संजय शुक्ला ने मुख्यमंत्री से सिफारिश की और दावा किया कि जफर ने कांग्रेस के लिए विधानसभा चुनाव में काम किया, इसलिए उनकी पद पर नियुक्ति की जा रही है। पत्र सामने आने के बाद बवाल मच गया है, कार्यकर्ता और  शुक्ला समर्थकों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है और वे इस नियुक्ति का तेजी से विरोध कर रहे है।

इधर, माना जा रहा है कि पार्टी को डर था कि कही विधानसभा चुनाव की तरह जफर खान फिर निर्दलीय लोकसभा का फार्म न भर दें, इसलिए पार्टी ने मामले को गम्भीरता से लिया, क्योंकि विधानसभा-5 में सत्यनारायण पटेल की हार की वजह एक मुस्लिम के निर्दलीय लड़ने से वोट कट गए थे।खबर है कि मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ की अनुशंसा पर संगठन प्रभारी सीपी शेखर ने इंदौर के जफर खान को पुन: शहर कांग्रेस कमेटी में महामंत्री मनोनीत किया है।