Ayushman Yojana में बड़ा फ्रॉड, एक ही नंबर से बने इतने कार्ड, 200 से ज्यादा बार हो चुका इलाज

आयुष्मान भारत निरामयम योजना (Ayushman Yojna) से जुड़ी हाल ही में एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि इस योजना में नया फर्जीवाड़ा किया गया है।

Ayushman Yojna

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। आयुष्मान भारत निरामयम योजना (Ayushman Yojna) से जुड़ी हाल ही में एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि इस योजना में नया फर्जीवाड़ा किया गया है। दरअसल, एक ही मोबाइल नंबर पर इस योजना के चलते करीब 154 लोगों ने अपने आयुष्मान कार्ड बनवा दिए हैं। इतना ही नहीं इसमें से कई लोग अपना इलाज भी करवा चुके हैं।

हालांकि यह पहली बार नहीं है जब आयुष्मान योजना को लेकर फर्जीवाड़े की बात सामने आई है। इससे पहले भी कई बार इस योजना के चलते फर्जीवाड़े हुए हैं। लेकिन इस बार जो फर्जीवाड़ा सामने आया है, वह एक ही मोबाइल नंबर से 154 लोगों ने आयुष्मान कार्ड बनवाया है। इतना ही नहीं इसके चलते लोग भर्ती भी नहीं हुए और उनके नाम से लाखों रुपए का भुगतान भी कर दिया गया। इसके चलते शहर के कई अस्पतालों को कार्यवाही में लिया गया है। लेकिन अब तक सिर्फ दो अस्पतालों के खिलाफ ही केस दर्ज हुआ है।

ऐसे हुआ इस मामले का खुलासा –

जानकारी के मुताबिक, जब प्रवेश सिंह नाम का एक व्यक्ति अस्पताल में इलाज करवाने के लिए गया, तब उसके पास मौजूद आयुष्मान कार्ड पर दर्ज मोबाइल नंबर योजना के पोर्टल पर 154 कार्डो की लिस्ट सामने आ गई। जिसके बाद अस्पताल वालों ने उन्हें इलाज के लिए मना कर दिया।

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ऐसे में जब अस्पताल वालों ने उन्हें इलाज के लिए मना किया तो वह परेशान हो गए और उन्होंने बताया कि यह मोबाइल नंबर उनका नहीं है। जब इस मामले की छानबीन करने के लिए अधिकारियों द्वारा उस नंबर पर फोन किया गया तो किसी दक्षिण भारतीय लहजे में बोलने वाले एक शख्स ने कॉल उठाया। जिसके बाद इस मामले में हुई फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।

बगैर आधार के बनाए जा रहे आयुष्मान कार्ड –

आपको बता दें, आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए आधार कार्ड सबसे ज्यादा जरूरी बताया गया है। लेकिन अभी तो फर्जीवाड़ा सामने आया है। उसमें बिना आधार कार्ड के नंबर से ही सिर्फ मोबाइल नंबर के द्वारा आयुष्मान कार्ड बना दिए गए हैं।

कहा जा रहा है कि इस तरह के फर्जीवाड़े में शामिल होने में किसी खास और व्यवस्था से जुड़े हुए व्यक्ति का ही हाथ बताया जा रहा है। इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष प्रदीप खंडेलवाल द्वारा कहा गया है कि उनके द्वारा इस मामले की जानकारी विभाग के अधिकारियों को दे दी गई है, साथ ही सख्त कार्रवाई की मांग भी उनके द्वारा की गई है।