भाजपा ने किया डैमेज कंट्रोल, पूर्व मंत्री के भाई का भाजपा को समर्थन

हॉटपिपल्या उपचुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लडऩे का मन बना चुके पूर्व सीएम स्व. कैलाश जोशी के भतीजे व पूर्व मंत्री दीपक जोशी के चरेरे भाई ने भी अंतत: अपना निर्णय बदलते हुए भाजपा प्रत्याशी को अपना समर्थन दिया है।

हाटपिपल्या, सोमेश उपाध्याय। हॉटपिपल्या उपचुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लडऩे का मन बना चुके पूर्व सीएम स्व. कैलाश जोशी के भतीजे व पूर्व मंत्री दीपक जोशी के चरेरे भाई ने भी अंतत: अपना निर्णय बदलते हुए भाजपा प्रत्याशी को अपना समर्थन दिया है। पूर्व मंत्री दीपक जोशी के समक्ष ही उन्होंने मीडिया के सामने यह निर्णय लिया।

वही पूर्व मंत्री जोशी ने कहा कि उनका परिवार भाजपा का पर्याय है। वे और उनका परिवार भाजपा से अलग नही है, साथ ही वे सब मिल कर भाजपा प्रत्याशी मनोज चौधरी के लिए कार्य करेंगे। हालांकि मनोज जोशी की राजनीतिक प्रतिष्ठा केवल परिवार तक समिति है, परन्तु ब्राह्मण उम्मीदवारी से सामाजिक फैक्टर से जरूर कुछ असर हो जाता।

गौरतलब है कि हाटपिपल्या विधानसभा स्व.कैलाश जोशी के प्रभाव वाली सीट रही है। यहां से लगातार दो बार जोशी के पुत्र व पूर्व मंत्री दीपक जोशी भी विधायक रहे है। लेकिन 2018 में वे कांग्रेस के मनोज चौधरी से पराजित हो गए। बाद में चौधरी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ भाजप का दामन थाम लिया और उपचुनाव में भाजपा ने उन्हें प्रत्याशी बनाया है। भाजपा द्वारा उन्हें प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद पार्टी में अंदरूनी खींचतान बढ़ गई थी और स्व. कैलाश जोशी के भतीजे मनोज जोशी ने भी निर्दलीय चुनाव लडऩे का मन बना लिया था। मनोज जोशी ने कहा था कि जो लोग भाजपा की नीति को ही नही जानते ऐसे लोगो को टिकट देने से जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हो रही है। कार्यकर्ताओं की उपेक्षा के कारण ही उन्होंने 12 अक्टूबर को निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में फॉर्म भरने का तय किया था। हालांकि अब एक बार फिर वे मान गए है और उनकी घर वापसी हो गई है। अब भाजपा ने सभी बागियों को मना लिया है, परन्तु देखना दिलचस्प है कि ये बागियों का बाहरी समर्थन कितना कारगार होगा।

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