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बुरहानपुर, शेख रईस। देशभर में सड़क दुर्घटना (road accident) से सामने आ रहे मृत्यु दर (death rate) को कम करने के लिए अब नयी पहल शुरू होने वाली है। 1 अप्रैल, 2021 से देशभर में एकीकृत सड़क दुर्घटना डेटाबेस परियोजना (database assignment) लागू होनी है। इसके तहत हादसा होने के बाद मौके की फोटो, वीडियो के साथ हादसा होने के कारणों की जानकारी मोबाइल एप (mobile app) के माध्यम से अपलोड की जायेगी। इसके बाद मद्रास में बैठे विशेषज्ञों द्वारा इसका विश्लेषण कर हादसों में कमी लाने के लिए उपाय किये जाएंगे।

यह जानकारी जिला सूचना विज्ञान अधिकारी श्री दीपक बावस्कर ने दी। उन्होंने बताया कि यह एप एनआईसी द्वारा विकसित किया गया है। इसके लिए बुरहानपुर जिले में रोल आउट मैनेजर श्री पंकज सोनवणे को पदस्थ किया गया है। श्री पंकज सोनवणे द्वारा जिले के समस्त थाना प्रभारियों को पुलिस कन्ट्रोल रूम में प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर यातायात सूबेदार श्री हेमंत पाटीदार एवं जिले के समस्त थानों के पुलिस अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

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प्रशिक्षण में बताया गया कि दुर्घटनाओं का डेटाबेस तैयार करना एवं दुर्घटनाओं की रोकथाम करना इसका मुख्य उद्देश्य है। प्रोजेक्ट का उद्देश्य समस्त दुर्घटनाओं का एकीकृत डाटाबेस तैयार करना एवं उसका विश्लेषण करके उसकी रोकथाम एवं निदानात्मक उपाय करना है। इस प्रकार एकत्र किये गये डेटा को भारतीय प्रौद्योगिक संस्थान मद्रास भेजा जायेगा। वहां के दल द्वारा उस डाटा का विश्लेषण किया जायेगा एवं उनके द्वारा सुझाव दिया जायेगा कि दुर्घटनाओं को कम करने के लिए किन सुधारात्मक उपायों की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि आई.आर.ए.डी.प्रोजेक्ट पर कार्य करने के लिए जिन विभागों का चयन किया गया है। उसमें सबसे पहले पुलिस विभाग है।

पंकज सोनवणे ने बताया कि आई.आर.ए.डी. द्वारा जानकारी अपलोड की जायेगी। प्रशिक्षण में पुलिस अधिकारियों को बताया गया कि इसमें दुर्घटना क्षेत्र के संबंधित जांच अधिकारी दुर्घटना स्थल पर जाकर दुर्घटना की जानकारी आई.आर.ए.डी. मोबाइल एप के माध्यम से प्रविष्ट करेंगे। मौके की मोबाइल से फोटो व वीडियो बनाकर उसे अपलोड करेंगे। इसके बाद परिवहन विभाग विशेषज्ञ फोटो और वीडियों देखकर यह समीक्षा करेगा कि सड़क हादसा किस वजह से हुआ है।