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बुरहानपुर। आज महिला दिवस के मौके पर जहां महिलाओं के आत्मसम्मान और रक्षा के लिए पूरा देश महिलाओं को सम्मानित कर रहा है वहीं बुरहानपुर के जिला न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है | मामला बुरहानपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मोहद का है| जहां 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के दिन साढ़े तीन साल की एक मासूम बालिका लापता हो गयी थी।

उसके साथ गांव के ही एक व्यक्ति ने दुष्कर्म कर उसका गला दबाकर हत्या कर दी थी और शव को गांव के ही समीप नाले में फेंक दिया था। आज शुक्रवार (8 मार्च) को बुरहानपुर जिला अदालत ने आरोपी विजय उर्फ़ पिटया(35साल) को पास्को एक्ट व हत्या के आरोप का दोषी ठहराते हुये इस जधन्य मामले मे फांसी की सजा सुनाई है। पुलिस अधीक्षक ने खुलासा करते हुए बताया था कि 15 अगस्त को उक्त बालिका को गांव का ही आरोपी विजय उर्फ पिंट्या (35) उठाकर ले गया था। आरोपी की कोर्ट ने आज फाँसी की सजा सुनाई है।

उल्लेखनीय हे कि बालिका को उसके घर के आगंन से उडाई गयी थी। साढे 3 वर्षीय बालिका का निर्वस्त्र व लहुलहान शव तीन दिनन बाद मिलने से सनसनी फैल गयी थी। चिकित्सक ने मृतका के प्राइवेट पार्ट में भी चोट के निशान पाये थे। पीएम रिपोर्ट में दुष्कर्म के बाद हत्या होना कहा गया।  मृतका शव तीसरे दिन शनिवार को गांव से डेढ़ किमी दूर झाड़ियों में मिला । शाहपुर थाना पुलिस ने मृतका के शरीर से अलग हुए हाथ को झाड़ियों से खोज लिया था। जानवर द्वारा नोंच कर हाथ अलग करने की आशंका जताई गयी थी। 

घटना निमाड के पूर्वी अंचल के बुरहानपुर जिले के ग्राम मोहद की है। दरिन्द्रो ने आजादी क 72 वी वर्षगाठ दिवस 15 अगस्त को चुना और अपने घर के आंगन में खेल पीडिता को अगुआ किया। उसके माता पिता मजूदरी करने गये थे। घर में नाना-नानी थे जो उस की छोटी डेढ साल की बहन को खिलाने मे व्यस्त थे तभी दरिन्दा पीडिता को ले उडा। कुछ देर बाद घर में न लौटने पर नाना ने पीडिता की खोज शुुरू की तो नदारद मिली। तीसरे दिन शनिवार को बालिका का शव मिला। मृतका के वस्त्र घटना स्थल 15 मीटर दूर मिले हे। ।बुरहानपुर के जिला पुलिस अधीक्षक कमलेश श्रीवास्तव ने मामले को गंभीरता से लेकर आरोपी विजय को धदबोचा। पुलिस ने जाच उपरात पास्को एकट हत सहित विभिन्न धाराओ व दुष्कर्म की धारा मे अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया था।