एमपी-महाराष्ट्र बार्डर पर प्रशासन की कड़ी नजर, कलेक्टर और एसपी से मांगी आरटीपीसीआर रिपोर्ट

बुरहानपुर, शेख रईस। बुरहानपुर जिला महाराष्ट्र बॉर्डर से सटा हुआ है, जिसे लेकर जिला प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। बुरहानपुर जिले को कोरोना के बढ़ते संक्रमण से बचाने के लिए जिले की बार्डर को सील कर, चेक पोस्ट पर अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा रात-दिन पैनी नजर रखी जा रही हैं। जिले में प्रवेश करने पर व्यक्ति से आरटी-पीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट ली जा रही हैं। बिना आरटी-पीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट के जिले में प्रवेश प्रतिबंधित हैं।

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बार्डर चेकपोस्ट पर प्रशासन द्वारा बरती जा रही सतर्कता की सत्यता को परखने के लिए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक राहुल कुमार लोढा ने बुधवार रात्रि आम नागरिक की तरह बुरहानपुर जिले में प्रवेश किया। उन्होंने आम नागरिक की तरह बिना नेम प्लेट वाले जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक पदनाम की प्लेट हटाकर वाहन से महाराष्ट्र राज्य के खानापुर मार्ग से बिरोदा के रास्ते से बुरहानपुर में प्रवेश लिया।

वे लगभग रात्रि 11.30 बजे चेकपोस्ट पर पहुचे। चेकपोस्ट पर तैनात अधिकारी-कर्मचारी द्वारा उन्हें रोका गया तथा जिले में प्रवेश करने के लिए अनिवार्य आरटी-पीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट मांगी। कुछ ही क्षण बाद ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी ने पहचान लिया कि यह हमारे जिले के कलेक्टर एवं एसपी साहब हैं और उन्होंने उन्हें नमस्कार किया। यह देख जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारीयों कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि आप ऐसे ही ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहें। आप हमारे कोरोना योद्धा हैं, जो जिले में आने वाले बाहरी कोरोना को रोके हुए हैं। निरंतर किये जा रहे प्रयासों से ही हम जिले को कोरोना की मार से बचा पायेंगे। वह दिन दूर नहीं होगा जब बुरहानपुर कोरोना मुक्त जिला कहलाएगा।