खनिज विभाग का एक्शन, अवैध उत्खनन व परिवहन के 405 मामलों में FIR

अबतक 62 मामलों में केस दर्ज हो गए है, वहीं बाकी मामलों में विभिन्न थानों में केस दर्ज करने की कार्रवाई चल रही है। तीन साल की जेल की सजा वाले इन मामलो के आरोपियों को जेल भेजने की तैयारी है।

CHATARPUR

छतरपुर, संजय अवस्थी। खनिज का अवैध परिवहन (Illegal Transport) और उत्खनन (Excavation) करने वाले जेल भेजे जाएंगे। जबलपुर हाईकोर्ट (Jabalpur High Court) के आदेश व सीजेएम छतरपुर (CJM Chhatarpur) विपिन भदौरिया के निर्देश पर खनिज विभाग (Mineral Department) 405 मामलों में आईपीसी की धारा 379 (IPC Section 379) के तहत चोरी का केस दर्ज किया जा रहा है।

जनवरी (January) 2020 से अबतक दर्ज हुए इन मामलों में खनिज नियम के तहत जुर्माना के अलावा चोरी का केस दर्ज करने की कार्रवाई चल रही है। अबतक 62 मामलों में केस दर्ज हो गए है, वहीं बाकी मामलों में विभिन्न थानों में केस दर्ज करने की कार्रवाई चल रही है। तीन साल की जेल की सजा वाले इन मामलो के आरोपियों को जेल भेजने की तैयारी है।

चार थानों में ज्यादा केस
जिले के गौरिहार, प्रकाशबम्होरी, गोयरा, चंदला, गढ़ीमलहरा, महाराजपुर, लवकुशनगर, बडामलहरा, धुवारा, बक्स्वाहा,बिजावर, ईशानगर, राजनगर, बमीठा, खजुराहो, नौगांव, हरपालपुर, छतरपुर कोतवाली, ओरछा रोड थाना, सिविललाइन और अलीपुरा थाना में केस दर्ज कराए जा रहे हैं। केस दर्ज होने के बाद इन केसों के आरोपियों की गिरफ्तारी होगी और कोर्ट में केस की सुनवाई की जाएगी। जिले में अवैध परिवहन (Transportation) व उत्खनन के सबसे ज्यादा मामले गौरिहार, गोयरा छतरपुर कोतवाली, सिविल लाइन थाना में दर्ज हुए हैं। करीब 150 केस केवल इन चार थानों में दर्ज किए जा रहे हैं।

दोबारा खुलेगी पुराने मामलों की फाइल
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अवैध उत्खनन व परिवहन के नए मामलों में चोरी का केस दर्ज किया जा रहा है। लेकिन अब हाईकोर्ट ने जनवरी 2020 से अबतक के सभी मामलों में चोरी का केस दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में इस साल के जिन मामलों में पूर्व में केवल जुर्माना किया गया था, अब उन मामलों की फाइल चोरी का केस दर्ज होने पर दोबारा खुलेगी। जिसकी सुनवाई न्यायालय में की जाएगी।

जुर्माना के अलावा जेल भी
खनिज के अवैध उत्खनन व परिवहन में खनिज नियम के तहत जुर्माना वसूलने की कार्रवाई के अलावा चोरी का केस दर्ज होने से आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई भी होगी। अवैध उत्खनन व परिवहन मामले में अब तक जुर्माने का प्रावधान था। आरोपी को जेल नहीं जाना होता था लेकिन अब हाई कोर्ट का आदेश है कि ऐसे सभी मामलों में एफआइआर दर्ज की जाए, क्योंकि इनमें धारा 379 के तहत 3 साल की सजा का प्रावधान है। जो संज्ञेय और गैर जमानती अपराध है।

वाहनों की होगी धरपकड़
जिले के विभिन्न थानों में 405 वाहनों पर धारा 379, मध्य प्रदेश अवैध उत्खनन व भंडारन नियम 2006 की धारा 18 एलआरसी 1959 की धारा 247 के तहत केस दर्ज किए जा रहे हैं। साथ ही इन वाहनों के नंबरों की सूचना सभी थानों पर दी जा चुकी है। यदि ये वाहन चेकिंग के दौरान मिले तो संबंधित थानों को सूचना देने को कहा गया है।

चल रही कार्रवाई-खनिज निरीक्षक

अवैध उत्खनन व परिवहन के मामलों में कोर्ट के निर्देश पर धारा 379 के तहत केस विभिन्न थानों में पंजीकृत कराए जा रहे हैं। 62 केस दर्ज हो चुके हैं, बाकी मामलों में एफआइआर की कार्रवाई चल रही है।
अजय मिश्रा, खनिज निरीक्षक, छतरपुर