300 इनामी बदमाशों को पकड़ने में छतरपुर पुलिस नाकामयाब, हत्या की वारदातों में इजाफा

छतरपुर पुलिस 300 इनामी बदमाशों को पकड़ने में सफलता हासिल नहीं कर पा रही है। जिसके कारण हत्या की वारदातों में इजाफा हो रहा है रहा है। जिसके चलते अब पुलिस ही शक के घेरे में आ गई है।

छतरपुर, संजय अवस्थी। जिले में पिछले कुछ महीनों से अचानक हत्या (Murder) एवं अन्य आपराधिक वारदातों (Criminal incidents) में वृद्धि हो रही है। वहीं अपराधों के बढ़ने में फरार बदमाशों की अहम भूमिका देखी जा रही है। छतरपुर में हुआ अर्जुन सिंह हत्याकांड हो या फिर बड़ामलहरा का छोटेराजा हत्याकांड। इन अपराधों में फरार बदमाशों की ही भूमिका सामने आयी है। पुलिस का आधिकारिक रिकार्ड बताता है कि जिले के लगभग 300 बदमाश हैं जिन पर पुलिस इनाम भी घोषित कर चुकी है लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पायी है। इन बदमाशों की गिरफ्तारी न होने से क्षेत्र में दहशत और अन्य अपराधों में उनकी भागीदारी बनी रहती है।

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जानकारी के मुताबिक पिछले एक वर्ष में जिले के लगभग 345 आरोपियों पर इनाम घोषित किए जाने की कार्यवाही की गई है। इनमें पुलिस सिर्फ 67 आरोपी पकड़ पायी है। जबकि लगभग 290 अपराधी और आरोपी अब भी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े हैं। इनके विरूद्ध पुलिस अधीक्षक एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा लगभग 4 लाख 40 हजार रूपए के इनाम घोषित किए गए हैं। अपराधियों को पकड़ने के लिए कई टीमें गठित की गईं लेकिन फिर भी उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा सका।

थानों की साठगांठ से फरारी, मुखबिर तंत्र बेअसर
एक जिले में लगभग 300 इनामी बदमाशों का फरार होना एक बड़ा फिगर है। इतनी संख्या किसी भी जिले में अपराधों को बढ़ाने के लिए काफी हो सकती है। इतने आरोपियों के फरार होने से अंदाजा लगाया जा सकता है कि थानों के स्तर पर पुलिसिया तंत्र किस तरह विफल हो चुका है। मुख्यमंत्री (Chief Minister) शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) के माफिया अभियान के निर्देशों के बाद भी फरार बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए सक्रिय प्रयास पिछले दो साल से नहीं दिखे। फरार बदमाशों का आसानी से पुलिस की पहुंच से दूर बने रहना पुलिस की कार्यशैली पर तो सवाल उठाता ही है, साथ ही इस बात को भी बल मिलता है कि थानों में मौजूद पुलिसकर्मियों की साठगांठ के बगैर अपराधियों का लंबे समय तक फरार होना संभव नहीं है। पुलिस का साइबर सेल (Cyber ​​cell) और मुखबिर तंत्र भी विफल नजर आ रहा है।

छतरपुर एसपी सचिन शर्मा का कहना है कि फरार बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए अनुविभागीय स्तर पर टीमों को गठित कर बदमाशों की धरपकड़ के लिए प्रयास किए जाएंगे। बदमाशों का फैमिली चार्ट, तकनीकी जानकारियां, सोशल मीडिया पर उनका मूवमेंट खंगाला जाएगा। इस दिशा में जल्द ही एक अभियान छेड़ा जाएगा।

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