बगैर अवकाश के एक महीने से गायब हैं छतरपुर तहसीलदार, कार्यालय में लगा फाइलों का ढेर

लगभग एक महीने से नामांतरण, बंटवारा, रिकॉर्ड सुधान, सीमांकन एवं आम जनता के सामान्य काम काज पूरी तरह से ठप्प पड़े हुए हैं। तहसीलदार के न होने से वकील दिन भर फुरसत बैठे रहते हैं।

छतरपुर, संजय अवस्थी| जिला मुख्यालय की सबसे बड़ी तहसील छतरपुर (Chhatarpur) में इन दिनों शासकीय कार्यों के क्रियान्वयन का हाल बेहाल है। पिछले एक महीने से छतरपुर तहसीलदार संजय शर्मा (Sanjay Sharma) बगैर किसी अवकाश सूचना के गायब हैं जिसके कारण तहसील में फाइलों के ढेर लग चुके हैं। आम जनता, विभिन्न न्यायालयीन कार्यों के पक्षकार और वकील तहसीलदार के न होने से बुरी तरह परेशान हैं।

तहसील अधिवक्ता संघ की ओर से एडवोकेट यूनिस खान ने बताया कि पिछले लगभग एक महीने से नामांतरण, बंटवारा, रिकॉर्ड सुधान, सीमांकन एवं आम जनता के सामान्य काम काज पूरी तरह से ठप्प पड़े हुए हैं। तहसीलदार के न होने से वकील दिन भर फुरसत बैठे रहते हैं। लोगों को तीन-तीन बार पेशियों की नई तारीखें मिल चुकी हैं। कलेक्टर कार्यालय से पता किया तब भी यह पता नहीं लग रहा है कि तहसीलदार कब लौटेंगे। उन्होंने कहा कि तहसीलदार के पूरे कार्यकाल के दौरान जनता परेशान होती रही जिसको लेकर हम लोगों ने हड़ताल भी की लेकिन उसका भी कोई नतीजा नहीं निकला। कुछ ऐसे ही हालात ग्राम अतरार से आए किसान वीरेन्द्र मिश्रा ने बताए। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड सुधार के एक मामले में एक महीने में तीन बार पेशियां बढ़ चुकी हैं। हम सभी 14 लोग हर पेशी पर आते हैं और बगैर कोई कार्यवाही के लौट जाते हैं।

दो तहसीलदार हैं बगैर अवकाश के लापता
उल्लेखनीय है कि छतरपुर जिले में इन दिनों तहसीलदार के पदों पर भारी संकट चल रहा है। छतरपुर जिले के दो तहसीलदार संजय शर्मा और लाखन सिंह पिछले काफी दिनों से बगैर अवकाश के लापता हैं। उक्त तहसीलदार न तो कार्यालय के संपर्क में हैं और न ही वरिष्ठ अधिकारियों को अवकाश की सूचना दी गई है। सूत्रों के मुताबिक तहसीलदार संजय शर्मा पारिवारिक कारणों से अवकाश पर हैं, उनकी माता जी के गंभीर आस्वस्थ होने की सूचनाएं मिल रही हैं।

इनका कहना
छतरपुर तहसील का प्रभार नायब तहसीलदार अभिनव शर्मा को दिया गया है ताकि काम काज प्रभावित न हो। दोनों गायब तहसीलदारों के विरुद्ध कार्यवाही के विरुद्ध शासन को लिखा जा रहा है।
शीलेन्द्र सिंह, कलेक्टर, छतरपुर