देवी विसर्जन के बाद खानदान में विवाद, चचेरे भाई की बंदूक ने ली बहन की जान

छतरपुर, संजय अवस्थी। नोगांव थाना क्षेत्र के ग्राम पुतरया में विजयादशमी के मौके पर एक दुखद खबर सामने आयी। यहां रहने वाले प्रभावशाली पाठक खानदान के बीच आपसी झगड़े में एक 40 वर्षीय महिला की गोली लगने से मौत हो गई। गोली चलाने वाला भी महिला का चचेरा भाई है। महिला की मौत के बाद लगभग आधा दर्जन आरोपी फरार हो गए। इस गोलीकाण्ड में महिला के सगे भाई को भी गंभीर चोटें आयीं हैं। दोनों परिवारों के बीच वर्षों से रंजिश चली आ रही है जो इस विजयादशमी पर खूनी संघर्ष में तब्दील हो गई।

क्या है मामला
घायल दिनेश पाठक ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम पुतरया निवासी श्रीपत पाठक और उसके परिवार के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। दिनेश पाठक के परिवार के सदस्य ओमप्रकाश पाठक ने अपने मकान के पास देवी की प्रतिमा स्थापित की थी। सोमवार को प्रतिमा के विसर्जन के बाद सब लोग अपने घर के बाहर बैठे थे तभी जिस परिवार से रंजिश चल रही थी उसी परिवार के एक सदस्य विनोद पाठक का पुत्र श्रीकांत पाठक यहां पहुंचा। श्रीकांत और ओमप्रकाश के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई जिसके बाद दोनों पक्षों में लाठी-डण्डे चले। श्रीकांत वापस गया तो अपने साथ परिवार के अन्य सदस्य श्रीपत पाठक, उमेश पाठक, इंद्रेश पाठक, विनोद पाठक, कैलाश पाठक, प्रमोद पाठक को लेकर आ गया। सभी आरोपियों ने आकर दिनेश पाठक के ऊपर हमला कर दिया। किसी ने बीच में फायरिंग कर दी। गोली दिनेश पाठक को लगने वाली थी लेकिन उसको बचाने के लिए उनकी बहिन लक्ष्मी बाजपेयी बीच में आ गईं जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी हमला करने के बाद फरार हो गए। फिलहाल पुलिस घायलों का इलाज करा रही है और आरोपियों की तलाश कर रही है।

दो दिन पहले मायके आयी थी बहन, चली गई जान
इस गोलीकाण्ड में लक्ष्मी बाजपेयी की मौत हो गई। लक्ष्मी बाजपेयी का मायका पुतरया में है लेकिन वे नौगांव में विशाल बाजपेयी के साथ विवाहित हैं और नौगांव की ही वीरेन्द्र कॉलोनी में रहती थीं। परिवार में देवी स्थापना हुई थी इसलिए दो दिन पहले ही वे इस धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अपने मायके गई थीं जहां हुए विवाद के कारण उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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