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छतरपुर।

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अपनों से ही घिरती नजर आ रही है। कांग्रेस नेताओं के बीच आपसी रंजिशों से पार्टी में दरार साफ नजर आती दिखाई दे रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता सत्यव्रत चतुर्वेदी जिन्हें पार्टी ने इस विधानसभा चुनाव में स्टार प्रचारक की जिम्मेदारी सौंपी है, कांग्रेस को हराने में जुट गए हैं। चतुर्वेदी अपने बेटे नितिन चतुर्वेदी के सियासी भविष्य के लिए समाजवादी पार्टी की ओर से परचम बुलंद किए हुए हैं और उनके समर्थम में प्रचार प्रसार कर रहे है। चतुर्वेदी के इस कदम ने कांग्रेस में हलचल मचा दी है।

दरअसल, सत्यव्रत चतुर्वेदी ने अपने बेटे नितिन के लिए छतरपुर जिले की राजनगर सीट से टिकट मांगा था।लेकिन टिकट नहीं मिलने के बाद नितिन ने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के रूप में नामांकन भरा था। कांग्रेस ने इस सीट से दो बार के विधायक कुंवर विक्रम सिंह नातीराजा को उम्मीदवार बनाया है। जिसके बाद से ही वे पार्टी से नाराज चल रहे है। हालांकि पार्टी ने उन्हें मनाने के लिए स्टार प्रचारक की कमान सौंपी है, फिर भी वे इसे त्याग अपने बेटे का साथ देने में जुट गए है। 

उन्होंने इस संबंध में बयान भी दिया है। उन्होंने कहा है कि मैं अपने बेटे नितिन के लिए समाजवादी पार्टी का प्रचार कर रहा हूं, कांग्रेस आलाकमान को अपनी गिरेबान में झांक मेरे ऊपर कार्रवाई करनी चाहिए। बेटे के लिए में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ मंच भी साझा करूंगा। ये भांग खाए लोग हैं, इन्होंने मेरे साथ धोखा किया है। कांग्रेस आलाकमान को मेरे उपर कार्रवाई करनी चाहिए।