Chhindwara : अपनी मांगों को लेकर कांग्रेस के बैनर तले आदिवासी समाज ने किया धरना प्रदर्शन

आदिवासियों ने अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को ज्ञापन दिया।

छिंदवाड़ा, विनय जोशी। छिंदवाड़ा (Chhindwara) में सर्व आदिवासी समाज (tribal society) ने अपनी 5 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। आदिवासियों ने अपने हक की लड़ाई और गुमराह करने वालों के खिलाफ कांग्रेस (Congress) के बैनर तले शुक्रवार को प्रदर्शन किया। आदिवासियों ने विगत दिनों गुलसी हत्याकांड एवं स्व. बट्टी की रहस्यमयी मौत की जांच और 9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने के लिए एवं पूर्व की कमलनाथ सरकार योजना और मलाल थाना घटना की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों को कड़ी सजा की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को ज्ञापन दिया।

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समन्वय कांग्रेस पार्टी जमील खान ने बताया कि छिंदवाड़ा जिले के तामिया विकासखण्ड की लहगड़ुआ पंचायत के मलाल ढाना में आदिवासी परिवार के विवाह समारोह में पुलिस एवं राजस्व प्रशासन के द्वारा ज्यादती की गई। एवं 18 निर्दोष आदिवासियों को षड्यंत्रपूर्वक केस में फंसाकर जेल भेजने की घटना के खिलाफ साथ ही समाज को गुमराह कर रहे कुछ चंदाखोरो एवं बहरूपियों के असली चेहरे को बेनकाब करने के लिए सर्व आदिवासी समाज ने आज तामिया में सड़क पर आकर समाज के हक की लड़ाई के लिए जबरदस्त हुंकार भरी। सर्व आदिवासी समाज का यह जंगी प्रदर्शन आदिवासियों के हक की लड़ाई के साथ ही साथ पिछले कई दिनों से तामिया में मलाल ढाना कांड की आड़ में कुछ तथाकथित स्वयंभू आदिवासी हितैसी होने का ढोंग करने वाले चंदाखोर बहरूपियों के चेहरे को बेनकाब करने लिए भी हुआ। आंदोलन में सम्मिलित हुए लोगों का कहना था कि कुछ लोग भाजपा की भी टीम बनकर समाज को बहकाने का काम कर रहे है। ये लोग कभी भी समाज के भोले भाले लोगो को बरगलाकर उनसे चंदा वसूली करके अपनी राजनीति चमकाने के काम करते है। आदिवासियों के द्वारा सर्वप्रथम भोलेनाथ, बड़ादेव एवं वीरांगना रानी दुर्गावती का पूजन कर आंदोलन में शामिल हुए समाज के वरिष्ठजनों एवं जनप्रतिनिधियों का पीला गमछा पहनाकर प्रारम्भ किया गया।

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इस मामले में क्षेत्रीय विधायक सुनील उइके ने कहा कि हमे सच्चाई को पहचानना है। मलाल थाना की घटना घटित होने के बाद पीड़ित परिवार से मिलने वाला अगर कोई जनप्रतिनिधि था तो वह मैं था। मैंने ही पीड़ित परिवार से मिलने के पश्चात जिले के पुलिस कप्तान सहित आला अधिकारियों से चर्चा कर तत्काल ही तामिया टीआई को हटाने एवं घटना की जांच किसी आदिवासी अधिकारी से कराने की मांग की थी। जो लोग आज तामिया में आदिवासियों के हितैसी होने का ढोंग कर चंदाखोरी कर रहे है, वे गुलसी हत्या कांड पर आंदोलन क्यो नही कर रहे है, वे नेमावर की घटना पर क्यो चुप्पी साधे बैठे है। एसडीएम जुन्नरदेव ने जानकारी दी कि 5 सूत्रीय मांग को लेकर कांग्रेस के साथ सर्व आदिवासी समाज ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया है उसे भेज दिया जाएगा।

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