Chhindwara : नींद की झपकी लगने से कार चालक ने 9 बाइक्स को रौंदा, एक्सीडेंट के बाद वाहनों लेकर हुआ बड़ा खुलासा

न्यूटन पुलिस ने मामले में समझौता कराकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्योंकि जिन गाड़ियों को कार ने रौंदा है उसमें से किसी का भी बीमा नहीं था।

छिंदवाड़ा, विनय जोशी। छिंदवाड़ा (Chhindwara) में एक कार चालक (car driver) ने 9 दोपहिया वाहनों (9 two wheelers) को एक साथ रौंदा डाला। लेकिन अच्छी बात यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। दरअसल ये हादसा कार चालक को झपकी लगने से हुआ। इस पूरे मामले में एक बड़ी बात सामने आई है। हादसे में कार चालक ने जिन 9 दोपहिया वाहनों को रौंदा है उन सभी वाहनों का इंश्योरेंस था। पुलिस ने समझौता कराते हुए कार चालक से दुपहिया वाहन मालिकों को पैसा दिला कर मामला रफा-दफा कर दिया।

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मिली जानकारी के अनुसार न्यूटन पिपरिया मुख्य मार्ग पर मायावाडी रोड के समीप ग्राहक सेवा केंद्र के सामने यह घटना शाम करीब 7 बजे घटी। जहां कार क्रमांक एम एच 31 एफआर 1502 जिसमें नागपुर निवासी कार चालक संजय नंदनवार सहित 5 लोग सवार थे। जो पचमढ़ी से नागपुर जा रहे थे। वहीं ग्राहक सेवा केंद्र के सामने कार अनियंत्रित हो गई और कार चालक ने सड़क पर खड़े दुपहिया वाहनों को रौंद डाला। जिसके बाद आसपास अफरा तफरी मच गई । हालांकि सिर्फ वाहनों को नुकसान पहुंचा है। कार ने जिन गाड़ियों को कुचला उनमें ग्राहक सेवा केंद्र संचालक वसीम खान की 2 और पिंकू, रंजीत वर्मा, सुजीत सिंह, इरफ़ान खान,भोला पंडित, अर्जुन डेहरिया और प्रकाश की एक-एक गाड़ी शामिल हैं ।

सवालों के घेरे में न्यूटन पुलिस
जानकारी के अनुसार पचमढ़ी (Pachmarhi) से लौट रहे एक कार चालक ने नींद की झपकी लगने से 9 बाइक्स को कुचल डाला। जिसके बाद पुलिस ने कार चालक को गिरफ्तार कर लिया। वहीं मौके पर जेसीबी को बुलवाकर सारी 9 गाड़ियों को घटनास्थल से हटवा दिया। लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि न्यूटन पुलिस (Newton Police) ने अपना मूल्य कार छोड़कर समझौता आखिर क्यों कराया? क्योंकि यह कार्य न्यायालय का होता है। पुलिस को केवल मामले को विवेचना में ले कर न्यायालय में पेश करना होता है। लेकिन न्यूटन पुलिस ने मामले में समझौता कराकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्योंकि जिन गाड़ियों को कार ने रौंदा है उसमें से किसी का भी बीमा नहीं था। जिनके मालिक एक प्रकार से सरकार को चूना लगा रहे थे। वहीं जब इस मामले में अधिकारियों चाहि तो उन्होंने बात करने से माना कर दिया।

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