Chhindwara: असंगठित कामगार कांग्रेस ने कोरोना से मृत कर्मचारियों के परिजनों का उठाया मुद्दा, अनुकंपा नियुक्ति की लगाई गुहार

छिंदवाड़ा (Chhindwara) असंगठित कामगार कांग्रेस ने कोरोना एवं कोरोना से पहले मृतक कर्मचारियों के परिजनों से किए जा रहे अन्याय का मुद्दा उठाया।

छिंदवाड़ा, विनय जोशी। छिंदवाड़ा (Chhindwara) असंगठित कामगार कांग्रेस ने कोरोना एवं कोरोना से पहले मृतक कर्मचारियों के परिजनों से किए जा रहे अन्याय का मुद्दा उठाया। बापू की प्रतिमा के सामने खड़े होकर मृतक कर्मचारियों के परिजनों ने एक स्वर से कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह (Shivraj Singh) अपनी घोषणा पर कायम रहें और सभी मृतक कर्मचारियों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति एवं 5 लाख का मुआवजा दें। कोरोना की पहली और दूसरी लहर में 400 से अधिक कर्मचारियों की मृत्यु हुई है। सभी विभागों में हजारों अनुकंपा के मामले पहले से पैंडिंग हैं। लेकिन 30 अगस्त को उत्सव मनाकर मुख्यमंत्री ने जिले में सिर्फ 5 लोगों को अनुकंपा नियुक्ति दी है, जो मृतक कर्मचारियों के परिजनों के साथ मजाक और सरकार की असंवेदनशीलता है।

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पत्रकारों से बातचीत करते हुए कामगार कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ने कहा कि अप्रैल-मई के कोरोना काल में 300 से अधिक कर्मचारियों की मृत्यु हुई है। जिनके लिए मुख्यमंत्री अनुकंपा एवं अनुग्रह योजना शुरू की गई। इसके तहत 30 अगस्त को नियुक्ति पत्र दिए गए, लेकिन इसकी सच्चाई यह है कि 300 कर्मचारियों की मृत्यु हुई, लेकिन अनुकंपा सिर्फ 5 को दी गई। जिनमें 184 शिक्षकों की मृत्यु ही लेकिन 3 मृत शिक्षकों के परिजनों को अनुकंपा मिली। 5 लाख की अनुग्रह राशि के साथ भी यही हुआ, 5-7 मृत कर्मचारियों के परिजनों को ही यह राशि मिली है, जो यह बताती है कि सरकार मृत कर्मचारियों के परिजनों से झूठ बोल रही है, जिसमें पूरी ब्यूरोक्रेसी शामिल हैं। यह ज्यादा चिंता की बात है।

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कामगार कांग्रेस के अध्यक्ष ने कहा कि सरकार मृत कर्मचारियों में भी अंतर कर रही है, अनुकंपा मृत कर्मचारी के परिजनों का कानूनी अधिकार है, जिसका लाभ उसे बिना किसी योजना के तत्काल मिल जाना चाहिए, लेकिन जिले में हजारों अनुकंपा के मामले पैंडिंग हैं, जिनमें 15 साल पुराने मामले भी शामिल हैं। एमपीईबी के अनुकंपा आश्रित 15 साल से परेशान हैं, लेकिन अब तक उन्हें अनुकंपा नियुक्ति नहीं मिली है, इनके लिए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हाल ही में ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव को भी पत्र लिखा है। कामगार कांग्रेस जिला अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने कहा कि 5 मृतक कर्मचारियों के परिजनों को अनुकंपा का उत्सव मनाना सरकार और ब्यूरोक्रेसी की असंवेदनशीलता, निष्ठुरता एवं मगरूरता को दर्शाता है। शर्मा ने मांग कि प्रशासन कोरोना में मृत कर्मचारियों की विभागवार सूची जारी की जाए, कितने दिवंगत कर्मचारियों के परिजनों को नौकरी मिली, यह जानकारी सार्वजनिक की जाए, जब सभी लोकसेवकों को अनुकंपा की पात्रता है फिर नियुक्ति से वंचित क्यों रखा जा रहा है, जिले में पैंडिंग अनुकंपा के मामलों में तत्काल नियुक्ति दी जाए।