जान जोखिम में डाल बंद खदानों से निकाल रहे कोयला, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

छिंदवाड़ा, विनय जोशी। जिले के परासिया विधानसभा के ग्राम पंचायत भाजीपानी में बंद ओपन कास्ट खदान से दिनदहाड़े ग्रामीण जान जोखिम में डालकर कोयला निकाल रहे हैं। जिसमें सबसे गंभीर बात यह सामने आई है कि कुछ नाबालिग भी कोयला निकालने में लगे हुए हैं। जबकि कहा जा रहा है कि जिस स्थान से खोदकर कर कोयला निकाला जा रहा है जिसके ऊपर के भाग में चट्टाने हैं जो कभी भी धंस सकती हैं जिससे बड़ा हादसा हो सकता है।

जानकारी के अनुसार पूर्व में वेकोलि के द्वारा यहां पर ओपन कास्ट खदान खोली गई थी। 12 वर्ष पूर्व कोयला निकालने के बाद खदान को बंद कर दिया गया हैं। वेकोलि ने खदान की सुरक्षा को लेकर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जिन जवानों को लगाया था बाद में उसे भी हटा दिया गया है। जिसके बाद से लगातार ग्रामीण किनारे के भागों से अवैध रूप से कोयला निकालने लगे। कोयला निकालने के कारण खदान में दो बार आग भी लग गई थी। वेकोलि के द्वारा जिसे मिट्टी से पुरवा भी दिया गया था। लेकिन कोयला निकालने वाले फिर दूसरे किनारे में लंबी सुरंग बनाकर कोयला निकालते रहे। जबकि यह किनारे का पूरा भाग बेहद खतरनाक है। लेकिन उसके बावजूद लोग कोयला निकालने से बाज नहीं आ रहे हैं। पूर्व में मामला जब ज्यादा गरमाया तो प्रबंधन और पुलिस के द्वारा सख्ती की गई तो कुछ समय के लिए लोगों ने कोयला निकालना बंद कर दिया। लेकिन अब पुनः किनारे के भागों से रात के अलावा दिनदहाड़े भी बड़ी मात्रा में कोयला निकाला जा रहा है। जानकार सूत्रों ने बताया कि पूर्व में प्रबंधन की भाजीपानी ओपन कास्ट खदान को आगे बढ़ाने की योजना थी इसलिए कि उस भाग में बड़ी मात्रा में अच्छे किस्म का कोयला है। प्रबंधन ने करीब 90 मकानों को हटाने की योजना भी बनाई थी। लेकिन ग्रामीणों के विरोध के कारण योजना ठप हो गई।

सूत्रों के अनुसार इस भाग में वर्षों पूर्व भमोड़ी भूमिगत खदान चलाई गई थी। जिसका काफी कोयला जमीन के नीचे मौजूद हैं। ग्रामीण दिन दहाड़े जिस दिलेरी से कोयला निकाल रहे हैं और उन्हें कोई मना नहीं कर रहा है। जिससे ऐसा लगता है कि जहां वेकोलि को इस खदान को लेकर कोई फिक्र नहीं है। वही पुलिस प्रशासन भी कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है। लोग तो यहां तक कहते हैं कि गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों के द्वारा ग्रामीणों से कोयला निकलवाया जा रहा है। जिसे कम कीमत में खरीदकर फिर गाड़ियों में भरकर बाहर ज्यादा कीमत में बेच रहे हैं। शायद इसी वजह से प्रशासनिक अधिकारी भी हाथ डालने से बच रहे हैं। इस मामले को लेकर बुधवार को जब कुछ पत्रकारों के द्वारा भाजीपानी के अवैध कोयला खनन के बारे में चांदामेटा थाना एवं बड़कुही चौकी के पुलिस अधिकारियों से चर्चा की गई तो उन्होंने अवैध कोयले के मामले को लेकर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

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