किसानों के समर्थन में कांग्रेस का आंदोलन, केंद्र सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप

छिंदवाड़ा, विनय जोशी। केंद्र सरकार के द्वारा लागू किए गए तीन नए कृषि बिलों के विरोध में शुक्रवार को परासिया में कांग्रेस ने बड़ा किसान आंदोलन किया। बाजार चौक में हुए इस आंदोलन में विधायक सोहन वाल्मीक ने कहा कि मोदी सरकार के द्वारा जो 3 नए कृषि अध्यादेश अनिवार्य वस्तु संशोधन कृषि उत्पाद व्यापार और वाणिज्य एवं कृषक अनुबंध लागू किया गया हैं, वे न केवल किसान विरोधी बल्कि आम जनता के भी खिलाफ हैं। इन बिलों से जहां किसानों का शोषण होगा तो फिर देश की अर्थव्यवस्था पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा।

विधायक ने कहा कि केंद्र में जब कांग्रेस की सरकार थी तो देश के किसानों के हित में कई लाभकारी निर्णय लागू किए गए। लेकिन देश में जब से भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई है तब से मजदूरों एवं किसानों के खिलाफ नीतियां बनाकर उद्योगपति एवं पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। विधायक ने यह भी कहा कि देश में बहुत से किसान कर्ज में डूबे हुए हैं उन्हें अपनी फसलों का पर्याप्त मूल्य नहीं मिल रहा है। बड़ी तादाद में किसान आत्महत्या कर रहे हैं। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह कहते रहे हैं कि खेती को लाभ का धंधा बनाएंगे और किसानों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए समर्थन मूल्य लागू करेंगे। लेकिन यह बात केवल धोखा साबित हुई। आज किसान दिल्ली सहित अन्य राज्यों में लंबे समय से किसानों के खिलाफ लगातार लड़ाई लड़ रहे हैं। किसानो की हक की लड़ाई में कांग्रेस भी कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हुई है। विधायक ने एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन सौंपकर किसान विरोधी तीनों कृषि बिल को रद्द करने की मांग की है।

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