राजनीति की भेंट चढ़ा दिव्यांग शिविर, नाराज जनप्रतिनिधियों ने दिया कलेक्टर को ज्ञापन, आंदोलन की दी चेतावनी

दिव्यांग शिविर राजनीति की भेंट चढ़ गया और कार्यक्रम निरस्त कर दिया गया। जिसका खामियाजा वहां पहुंचे विकलंगो को भुगतना पड़ा।

छिंदवाड़ा, विनय जोशी। शासन और प्रशासन के द्वारा शारीरिक रूप से दिव्यांग हितग्राहियों (handicapped beneficiaries) को सहायक यंत्र उपकरण देने के लिए कई योजनाओं के माध्यम से वितरण किया जाता है। इसी क्रम में सोमवार को छिंदवाड़ा (Chhindwara) के जनपद पंचायत परासिया के माध्यम से शासकीय आदर्श उच्च माध्य. कन्या शाला में आज दिव्यांग जन सहायक अंग उपकरण वितरण शिविर का आयोजन किया गया था। पर यह दिव्यांग शिविर राजनीति की भेंट चढ़ गया और कार्यक्रम निरस्त कर दिया गया। जिसका खामियाजा वहां पहुंचे विकलंगो को भुगतना पड़ा।

यह भी पढ़ें… Datia : केंद्रीय दल पहुंचा बाढ़ ग्रस्त ग्राम कोटरा एवं सुनारी, गांव में भ्रमण कर क्षति का लिया जायजा

शिविर निरस्त, दिव्यांग निराश
जनपद पंचायत परासिया के द्वारा नगर के शासकीय आदर्श कन्या शाला में सोमवार को दिव्यांगजन सहायक यंत्र उपकरण शिविर आयोजित किया गया था। सूचना मिलने पर सुबह से ही काफी दिव्यांग स्कूल पहुंच गए थे। लेकिन जब उन्हें पता चला कि शिविर निरस्त कर दिया गया है। तो सभी दिव्यांग बैरंग लौट गए। जानकारी के अनुसार एसडीएम मनोज कुमार प्रजापति एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी सलीम खान के द्वारा बकायदा कार्यक्रम को लेकर कार्ड छपवाए गए थे। अनेक दिव्यांग हितग्राही उपकरण प्राप्त करने हेतु शिविर स्थल पर पहुंच चुके थे। जिसके कारण दिव्यांगजनों को बहुत अधिक असुविधाओं व परेशानियों का सामना करना पड़ा।

राजनीति की भेंट चढ़ा दिव्यांग शिविर, नाराज जनप्रतिनिधियों ने दिया कलेक्टर को ज्ञापन, आंदोलन की दी चेतावनी

भाजपा ने निरस्त कराया कार्यक्रम
जिसके बाद क्षेत्रीय विधायक सोहन लाल वाल्मीक और जनपद अध्यक्ष रईस खान ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा के नेताओं के द्वारा जानबूझकर कार्यक्रम को निरस्त कराया गया है। और प्रशासन भी उनका पूरी तरह से सहयोग कर रहा है। इस प्रकार शासन व भाजपा मिलकर दिव्यांग हितग्राहियों के साथ राजनीति कर रही है। जो पूर्णतः अनुचित है, जिसका मैं सख्त विरोध करता हूं। उक्त दिव्यांग शिविर को 3 से 4 दिनों के अन्दर आयोजित कराया जाये। अगर दिव्यांग शिविर को 3 से 4 दिनों के अन्दर आयोजित नहीं कराया जाता है और आगामी समय में आयोजित होने वाले विभिन्न शासकीय कार्यक्रमों को भाजपा नेताओं के कहने पर शासन, प्रशासन द्वारा इसी प्रकार से निरस्त कराया जाता है। तो निश्चित ही मुझे बाध्य होकर शासन, प्रशासन के विरूद्ध में आन्दोलन करना पड़ेगा। जिसकी सम्पूर्ण जबाबदारी शासन-प्रशासन की होगी।