छिंदवाड़ा, विनय जोशी। केंद्र सरकार द्वारा विद्युत वितरण कम्पनी के निजीकरण के विरोध में बुधवार को विद्युत विभाग के कर्मचारी अपनी समस्याओ को लेकर विधायक से मिले और ज्ञापन सौंपा। विधायक ने उन्हें आश्वासन देते हुए कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान मुद्दा गूंजेगा। परासिया विधायक सोहन वाल्मिक ने विद्युत वितरण कर्मचारियों से कहा कि निजीकरण को लेकर विधानसभा प्रश्नकाल के दौरान वे सरकार का ध्यानाकर्षण करेंगे।

केंद्र सरकार द्वारा विद्युत वितरण कम्पनियों के निजीकरण के लिए स्टैंडर्ड बिल डॉक्यूमेंट जारी कर विद्युत वितरण कंपनियों को 8 माह की समयावधि में निजीकरण करने कहा गया है। इसे लेकर विद्युत वितरण कम्पनियों के इंजीनियरों एवं कर्मचारियों ने विरोध किया है। मध्य प्रदेश यूनाइटेड फोरम फॉर पावर एम्पलाइज एवं इंजिनियर्स ने इसे लेकर परासिया विधायक सोहन वाल्मिक को प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम ज्ञापन सौंपा। अपनी प्रमुख 5 मांगों को लेकर दिये गए ज्ञापन में संविदा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नियमित करने , विद्युत कर्मचारियों की पेंशन एवं बाहरी कर्मचारियों की सेवा को सुरक्षित रखने सहित वेतन विसंगतियों को दूर करने एवं वार्षिक वेतन वृद्धि चालू कर बकाया राशि का भुगतान करने की मांग की है। परासिया विधायक सोहन वाल्मिक ने विद्युत वितरण कम्पनियों का निजीकरण मध्यप्रदेश में लागू न किये जाने को लेकर विधानसभा सत्र के दौरान सरकार का ध्यान आकर्षण कराने की बात कही है।