छिंदवाड़ा, विनय जोशी। कोयला माफिया की नजर अब जंगलों की ओर हो गई है। परासिया वन परिक्षेत्र मुख्यालय से कुछ दूरी पर स्थित खिरसाडोह क्षेत्र में ईंट बनाने के लिये वन क्षेत्र में उत्खनन के साथ पेड़ों की अवैध रूप से कटाई की जा रही है।

क्षेत्र में लगातार वनों का सफाया हो रहा है। बीटगार्ड से लेकर अधिकारी तक अपने ऑफिस और बंगलों तक सिमट कर रह गये हैं। वहीं बीटगार्ड एवं अधिकारियों की सांठ गांठ से वन भूमि पर अवैध उत्खनन आम बात हो गई है। उसी प्रकार वनों की अवैध कटाई एवं अवैध अतिक्रमण लगातार जारी है। ग्राम पंचायत खिरसाडोह द्वारा रोजगार गारंटी योजना के तहत वन भूमि से सटे क्षेत्र में कंटूर की खुदाई की जा रही है तो वही वन क्षेत्र में कोयला माफिया द्वारा खुलेआम ईट बनाने के लिये मिट्टी का उत्खनन के साथ ही पेड़ो की कटाई की जा रही है। रसूखदार कोयला और ईट माफिया के सामने वन प्रशासन नतमस्तक नजर आ रहा है। परासिया वन क्षेत्र के खिरसाडोह के जंगलों में दर्जनों की संख्या में सागौन के ठूंठ देखे गए। कुछ बिल्कुल ताजे हरे ठूंठ भी देखे गए।

वन क्षेत्र से हो रहा अवैध उत्खनन
बंद कोयला खदान क्षेत्र से कोयले का अवैध खनन के मामले में कुख्यात लोगो द्वारा अब पुलिस की सख्ती के बाद ईंट व्यवसाय की रुख कर लिया गया है। वन क्षेत्र के आसपास खाली पड़ी भूमि में इनके द्वारा मिट्टी का उत्खनन कर ईट बनवाई जा रही है। उद्योग के लिये लगने वाली बालू ओर ईंधन के लिये वन क्षेत्र का उपयोग किया जा रहा है। खबर है कि माफिया द्वारा वन क्षेत्र में बंद खदानों से उत्खनन कर कोयले का भंडारण भी किया जा रहा है।