MP संबल योजना: 23162 श्रमिक परिवारों के खातों में सीएम ने जारी किए 505 करोड़ रू, जानें क्या है योजना, किस तरह मिलता है लाभ

सीएम मोहन यादव ने कह कि संबल योजना ऐसे ही मुश्किल वक्त में जरूरतमंद के आंसू पोछती है और उनको सहारा प्रदान करती है। राज्य सरकार प्रदेश के गरीब और श्रमिक वर्ग के कल्याण तथा उनका भाग्य बदलने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ कार्य कर रही है।

MP Sambal Yojana : सीएम डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना के अंतर्गत प्रदेश के 23 हजार 162 श्रमिक परिवारों के खातों में 505 करोड़ जारी कर दिए है।संबल योजना में अब तक 6 लाख 58 हजार से अधिक परिवारों को 5 हजार 927 करोड़ से अधिक के हितलाभ दिए जा चुके हैं।राज्य सरकार ने योजना प्रारंभ 1 अप्रैल 2018 से अब तक 1 करोड़ 74 लाख श्रमिकों का संबल योजना के अंतर्गत पंजीयन किया है।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संबल योजना का बैकलॉग भी समाप्त किया जा रहा है।राज्य सरकार ने गिग और प्लेटफार्म वर्कर्स को असंगठित श्रमिक मानते हुए 01 मार्च 2024 से उन्हें संबल योजना में उन्हें शामिल करने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामयम योजना में शामिल किया गया है। श्रमिक बहनों को गर्भावस्था के समय काम पर न जाना पड़े और उन्हें पोषण भी मिलता रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने ऐसी बहनों को 16 हजार रूपए देने की व्यवस्था की है।

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जानिए क्या है संबल योजना

  • मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना वर्ष 2018 में प्रारंभ हुई थी। यह योजना जरूरतमंदों की मदद करने वाली योजना है। योजना के प्रारंभ से अब तक 5 हजार 927 करोड़ रुपए का लाभ हितग्राहियों को मिल चुका है। योजना में अनुग्रह सहायता योजना अंतर्गत श्रमिक की दुर्घटना में मृत्यु होने पर 4 लाख रुपए की राशि, सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रुपए की राशि दी जाती है। स्थाई अपंगता पर 2 लाख रुपए एवं आंशिक स्थाई अपंगता पर 1 लाख रुपए की राशि श्रमिक परिवारों को दी जाती है।

संबल योजना में मिलते है ये लाभ

  • संबल योजना में महिला श्रमिकों को प्रसूति सहायता के रूप में 16 हजार रूपये दिये जाते हैं।
  • श्रमिकों के बच्चों को महाविद्यालय शिक्षा प्रोत्साहन योजना में उच्च शिक्षा के लिये सम्पूर्ण शिक्षण शुल्क राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है।
  • नीति आयोग की पहल पर प्रदेश के गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स को भी संबल योजना के अंतर्गत सम्मिलित किया जाकर इनका पंजीयन प्रारम्भ किया गया है। इन्हें भी संबल योजना के अंतर्गत समस्त लाभ प्रदान किये जा रहे हैं।
  • संबल हितग्राहियों को खाद्यान्न पात्रता पर्ची भी प्राप्त होती है। इससे वे केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा रियायती दरों पर राशन प्राप्त कर रहे हैं।
  • संबल योजना में श्रमिक को जन्म से लेकर मृत्यु तक आर्थिक सहायता प्राप्त होती है वास्तविक अर्थों में यह श्रमिकों का संबल है।
  •  सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामयम योजना में पात्र श्रेणी में चिन्हित किया गया है, अब उन्हें भी 5 लाख रूपये वार्षिक निःशुल्क चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है।

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Pooja Khodani

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खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। "कलम भी हूँ और कलमकार भी हूँ। खबरों के छपने का आधार भी हूँ।। मैं इस व्यवस्था की भागीदार भी हूँ। इसे बदलने की एक तलबगार भी हूँ।। दिवानी ही नहीं हूँ, दिमागदार भी हूँ। झूठे पर प्रहार, सच्चे की यार भी हूं।।" (पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर)

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